अदालत ने एक लाख के मुचलके पर दी राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। थाना बरमाणा में वर्ष 2020 में दर्ज चरस बरामदगी मामले में विशेष न्यायाधीश-2 बिलासपुर की अदालत ने आरोपी को सशर्त जमानत दे दी है। अदालत ने आरोपी को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के एक जमानती पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी है कि जमानत की शर्तों का उल्लंघन होने पर पुलिस जमानत रद्द कराने के लिए आवेदन कर सकेगी।
पुलिस के अनुसार 6 जून 2020 को सह-आरोपी से 764 ग्राम चरस बरामद हुई थी। पूछताछ में उसने यह चरस मुख्य आरोपी से खरीदने की बात कही थी। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत चालान अदालत में पेश किया गया। मुकदमे के दौरान आरोपी को पहले जमानत मिल गई थी, लेकिन लगातार अदालत में पेश न होने पर 13 मार्च 2026 को उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया। बाद में पीओ सेल ने 31 मार्च 2026 को उसे गिरफ्तार किया और वह 1 अप्रैल से न्यायिक हिरासत में था। जमानत याचिका में आरोपी ने कहा कि वह दिल्ली में एक ढाबे पर काम कर रहा था और वकील से संपर्क नहीं होने के कारण सुनवाई की तारीखों की जानकारी नहीं मिल सकी। वहीं राज्य सरकार ने जमानत का विरोध करते हुए दोबारा फरार होने की आशंका जताई। अदालत ने कहा कि बरामद चरस की मात्रा इंटरमीडिएट श्रेणी की है, इसलिए एनडीपीएस एक्ट की धारा 37 की कठोर पाबंदियां इस मामले में लागू नहीं होतीं। अदालत ने आरोपी को प्रत्येक सुनवाई पर उपस्थित रहने, किसी समान अपराध में शामिल न होने, गवाहों को प्रभावित नहीं करने जैसी शर्तों के साथ जमानत दे दी। साथ ही बीएनएसएस की धारा 84 के तहत चल रही कार्यवाही भी समाप्त करने के आदेश दिए।