कोटलू ब्राह्मणा में लोगों को अल्जाइमर के प्रति किया जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। विश्व अल्जाइमर दिवस पर जिला सूचना एवं संप्रेषण ब्यूरो की ओर से ग्राम पंचायत कोटलू ब्राह्मणा में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान भाषण और नारा लेखन प्रतियोगिता करवाई गई। भाषण प्रतियोगिता में भूमिका ने पहला, अंबिका ने दूसरा और वंदना ने तीसरा स्थान हासिल किया। नारा लेखन में अनन्या पहले, किरण दूसरे और उषा तीसरे स्थान पर रही।
प्रतिभागियों ने भाषण और नारा लेखन के माध्यम से लोगों को अल्जाइमर बीमारी के बारे में जागरूक किया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरठीं की चिकित्सा अधिकारी ममता देवी ने बताया कि अल्जाइमर रोग को सन 2012 से हर साल विश्व स्तर पर मनाया जाता है। सबसे पहले एक जर्मन मनोचिकित्सक ने 1901 में महिला रोगी में इस बीमारी की पहचान की थी। उन्होंने कहा कि प्रतिवर्ष अल्जाइमर दिवस को मनाने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से थीम निर्धारित की जाती है। इस वर्ष का थीम निदान है। अल्जाइमर डिमेंशिया का एक रूप है जो याददाश्त को प्रभावित करती है, जिससे दैनिक कार्य करने में परेशानी आती है। इसके लिए 80 प्रतिशत डिमेंशिया के लक्षण जिम्मेदार है। बुजुर्ग लोग इस रोग की चपेट में अधिक संख्या में आते हैं। वर्तमान में 40 साल वाले लोग भी इस बीमारी से ग्रसित हो रहे हैं। अल्जाइमर रोग के सबसे अधिक मामलों वाला देश फिनलैंड है। स्वास्थ्य शिक्षक दीप कुमार ने कहा कि यह रोग व्यक्ति के दिमाग में प्रोटीन की कमी के कारण होता है। भारत में 40 लाख लोग अल्जाइमर और डिमेंशिया से किसी न किसी रूप से पीड़ित हैं। भारत इस रोग के मामले में दुनिया भर में तीसरे नंबर पर है। अल्जाइमर के मरीजों को दवा के साथ कुछ उपाय करना जरूरी होता है। जैसे दिमागी खेल खेलना, संतुलित आहार लेना, व्यायाम और लोगों से बातचीत करना, तनाव कम करना, संगीत सुनना और परिवार के साथ वक्त बिताना जैसे कार्य करने चाहिए। इस मौके पर पंचायत प्रधान पुष्पा देवी, विवेक कुमार, मोहिनी आदि मौजूद रहे।