भराड़ी (बिलासपुर)। भेल गांव में एक बुजुर्ग का श्मशानघाट पर दाह संस्कार रोक दिया गया। कुछ लोगों ने आपत्ति जताकर दाह संस्कार रोक दिया। कहा कि इस श्मशानघाट में सिर्फ उनकी जाति से संबंध रखने वाले मृतकों का ही दाह संस्कार होता रहा है। वहीं पीड़ित पक्ष ने इसकी शिकायत 1100 नंबर पर कर दी है।
घुमारवीं उपमंडल की ग्राम पंचायत दधोल के भेल गांव का मामला है। श्मशानघाट पर एक समुदाय के कुछ लोगों ने दाह संस्कार करने से रोक दिया। इनका कहना था कि इस श्मशानघाट पर सिर्फ उनकी जाति के मृतकों को ही जलाया जाता है। दोनों पक्षों में मामला इतना गरमा गया कि बात हाथापाई तक आ गई। मृतक के भतीजे जो कि स्थानीय पंचायत के प्रधान भी हैं उन्होंने बीच-बचाव किया। मृतक का दाह संस्कार दूसरी जगह किया गया। इस पूरे मामले की शिकायत हेल्पलाइन नंबर 1100 पर कर दी गई है और मुख्यमंत्री से मामले की जांच करने की मांग की गई है। स्थानीय पंचायत प्रधान बलदेव ने बताया कि दधोल पंचायत के तहत आने वाले भेल गांव के नजदीक बने श्मशानघाट पर उस समय स्थिति मारपीट तक पहुंच गई जब एक समुदाय के कुछ लोगों ने दाह संस्कार करने से रोक दिया। प्रधान ने बताया कि उनके चाचा सुंदर राम (80) की शुक्रवार रात मृत्यु हो गई। शनिवार को भेल गांव के पास श्मशानघाट पर दाह संस्कार किया जाने लगा तो गांव के ही कुछ लोगों ने विरोध कर दाह संस्कार रोक दिया। प्रधान ने बताया कि दूसरी जगह दाह संस्कार करना पड़ा।