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Bilaspur News: अमृतसर से बिलासपुर तक चिट्टे का नेटवर्क ध्वस्त, पिता-पुत्र सहित छह गिरफ्तार

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बिलासपुर पुलिस की स्पेशल डिटेक्शन टीम ने आरोपियों से 175.5 ग्राम चिट्टा और दो लाख नकदी की बरामद
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अमृतसर से झंडूता, घुमारवीं और सदर बिलासपुर तक फैला था नेटवर्क
पुलिस ने अलग-अलग ठिकानों पर दबिश देकर पकड़े तस्कर

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। अमृतसर से बिलासपुर तक चिट्टे की सप्लाई के बड़े नेटवर्क का बिलासपुर पुलिस की स्पेशल डिटेक्शन टीम (एसडीटी) ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान अलग-अलग स्थानों से 175.5 ग्राम चिट्टा और दो लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। मामले में पिता-पुत्र समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में अमृतसर से चिट्टा उपलब्ध कराने वाले तस्करों से लेकर झंडूता, घुमारवीं और बिलासपुर सदर में इसकी आपूर्ति करने वाले स्थानीय तस्करों तक नेटवर्क की कड़ियां सामने आई हैं।
पुलिस के अनुसार 21 अगस्त को झंडूता क्षेत्र के धराड़सानी हार में नाकाबंदी कर वाहनों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान एक वाहन को रोककर तलाशी ली गई। वाहन में सवार पांच लोगों के कब्जे से करीब 132 ग्राम चिट्टा और दो लाख रुपये नकद बरामद हुए। आरोपियों की पहचान रविंद्र कुमार (36) निवासी बैरी दड़ोला, रणजीत सिंह (55), उसके बेटे आकाशदीप (23), विशाल सिंह (24), दोनों निवासी मंडयाला अमृतसर, और आशुतोष चंदेल उर्फ अंकुश (37) निवासी बैहना जट्टां, झंडूता के रूप में हुई है। धराड़सानी में नशा बरामदगी के बाद पुलिस ने चिट्टे के स्रोत और आपूर्ति नेटवर्क की जांच शुरू की। पूछताछ में सामने आया कि रणजीत सिंह, उसका बेटा आकाशदीप और विशाल सिंह अमृतसर से बिलासपुर तक चल रहे नेटवर्क की अहम कड़ियां थे। पुलिस के अनुसार रणजीत और आकाशदीप अमृतसर से चिट्टा उपलब्ध कराने और नेटवर्क को संचालित करने में शामिल थे। वहीं, विशाल सिंह चिट्टा अमृतसर से बिलासपुर लाकर स्थानीय तस्करों तक पहुंचाता था। जांच में सामने आया कि विशाल पिछले कुछ समय से आशुतोष चंदेल उर्फ अंकुश के बैहना जट्टां स्थित घर में रह रहा था। पुलिस के अनुसार इसी स्थान से स्थानीय स्तर पर चिट्टे की सप्लाई आगे बढ़ाई जा रही थी।
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बैहना जट्टां और घुमारवीं में भी दबिश
स्थानीय तस्करों को चिट्टा उपलब्ध कराने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने आशुतोष चंदेल के घर पर दबिश दी। तलाशी के दौरान वहां से करीब 41 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने घुमारवीं में प्रवेश गुप्ता के घर पर भी दबिश दी, जहां से करीब 2.5 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया। तीनों स्थानों से हुई बरामदगी को मिलाकर पुलिस के हाथ करीब 175.5 ग्राम चिट्टा लगा है।
स्थानीय तस्करों के जरिये ग्राहकों तक पहुंचता था नशा
जांच में सामने आया कि विशाल सिंह स्थानीय स्तर पर रविंद्र कुमार, प्रवेश गुप्ता और आशुतोष चंदेल को चिट्टा उपलब्ध करवाता था। इसके बाद ये लोग इसे आगे ग्राहकों तक पहुंचाते थे। इससे सप्लाई नेटवर्क में अलग-अलग स्तर होने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार नेटवर्क के तार झंडूता, घुमारवीं और बिलासपुर सदर क्षेत्र तक जुड़े पाए गए हैं। पुलिस अब सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। साथ ही चिट्टे की खरीद-फरोख्त से जुड़े वित्तीय लेनदेन को भी खंगाला जा रहा है।
कुछ आरोपियों पर पहले भी एनडीपीएस के केस
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में कुछ के खिलाफ पहले भी आपराधिक और एनडीपीएस एक्ट के मामले दर्ज हैं। रविंद्र कुमार के खिलाफ बिलासपुर सदर और झंडूता थानों में विभिन्न धाराओं के मामले दर्ज पाए गए हैं। इनमें एनडीपीएस एक्ट का मामला भी शामिल है। प्रवेश गुप्ता के खिलाफ भी अलग-अलग वर्षों में गंभीर धाराओं और एनडीपीएस एक्ट के मामले दर्ज रहे हैं। आकाशदीप के खिलाफ अमृतसर के चाटी विंड थाने में वर्ष 2023 में एनडीपीएस एक्ट का मामला दर्ज था। वर्ष 2026 में घुमारवीं थाने में भी उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज पाया गया है। पुलिस अन्य आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
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कोट
अमृतसर से बिलासपुर तक चिट्टा पहुंचाने और जिले में इसकी बिक्री के लिए बनाए गए नेटवर्क की कई महत्वपूर्ण कड़ियां सामने आई हैं। जांच अभी जारी है। बरामद चिट्टे, नकदी के स्रोत, सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों और वित्तीय लेनदेन को लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आने की संभावना है।
-अभिषेक धीमान,पुलिस अधीक्षक,बिलासपुर
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