शाहतलाई में बाबा बालकनाथ के दरबार में माथा टेकने जाते श्रद्धालु।
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शाहतलाई (बिलासपुर)। बाबा बालक नाथ की तपोभूमि शाहतलाई में चैत्र मास के मेले शांतिपूर्वक संपन्न हो गए। चैत्र मेलों में 45 लाख 25 हजार 647 रुपये चढ़ावा चढ़ा।, लेकिन कोरोना के चलते कारोबार मंदा रहा।
मेलों में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान सहित विदेशों से लाखों श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं। लेकिन, कोरोना के चलते काफी कम संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने के लिए पहुंचे। पिछले साल चैत्र मेलों में कोरोना के चलते मंदिरों के कपाट बंद हो गए थे। इससे कारोबारियों को रोजी-रोटी के लाले पड़ गए थे। इस वर्ष शाहतलाई के करीब 400 दुकानदारों को अच्छा कारोबार होने की उम्मीद थी। लेकिन मेलों में श्रद्धालु बाबा जी के दरबार तो पहुंचे, लेकिन दुकानदारी कम हुई। दुकानदारों सुशील शर्मा, चमन लाल, कोमल सोनी, किशोरी लाल, देशराज शर्मा, राजेश कपूर, राजकुमार, विपिन सोनी ने कहा कि बाबा जी के भक्त तपोभूमि तो पहुंचे, लेकिन माथा टेकने के बाद वापस चले गए। ठहराव नहीं होने से बीते सालों की अपेक्षा 50 फीसदी ही कारोबार हुआ है।
उधर, मंदिर न्यासी विजय कुमार शर्मा ने बताया कि सरकार की ओर से जारी एसपीओ का पालन करने के लिए बार-बार अनाउंसमेंट की गई। बिना मास्क किसी भी श्रद्धालु को मंदिर परिसर में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। श्रद्धालु लाइनों और सामाजिक दूरी का पालन करते हुए दर्शन कर रहे हैं। उधर, मेला अधिकारी एवं झंडूता के एसडीएम विकास शर्मा ने बताया कि चैत्र मेले में 45 लाख 25 हजार 647 रुपये चढ़ावे के रूप में प्राप्त हुए हैं।