चैत्र मेलों के दूसरे दिन सुनसान पड़ा श्री बाबा बालक नाथ मंदिर परिसर।
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शाहतलाई (बिलासपुर)। बाबा बालक नाथ की तपोस्थली शाहतलाई में चैत्र मेलों के दूसरे दिन कम संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कोरोना के मामले बढ़ने से पंजाब, हरियाणा और अन्य राज्यों से श्रद्धालु कम संख्या में शाहतलाई पहुंचे। कारोबार कम होने से स्थानीय दुकानदारों के चेहरे पर मायूसी है।
बाबा के दरबार में आने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा एक हजार को भी नहीं छू पाया। शाहतलाई में हर वर्ष 13 मार्च से 14 अप्रैल तक चैत्र मेलों का आयोजन किया जाता है। मेलों में देश-विदेशों से लाखों श्रद्धालु बाबा के दरबार में मन्नतें मांगने पहुंचते हैं। बीते साल कोरोना महामारी के चलते देश में लॉकडाउन लग गया था। चैत्र मेले नहीं हो पाए थे। इससे शाहतलाई के 200 दुकानदारों को रोजी रोटी के लाले पड़ गए थे। इस वर्ष उम्मीद लगाए बैठे थे कि अच्छा कारोबार होगा। लेकिन कोरोना के मामले एक बार फिर बढ़ने से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या कम हो गई है।
दुकानदार ईश्वर दास, विपिन सोनी, जरनैल सिंह, कोमल सोनी, चमन लाल, श्रवण सिंह, सुशील कुमार, राजकुमार, ओंकार सिंह, पवन कुमार, देशराज आदि का कहना है कि उम्मीद थी की इस बार अच्छा कारोबार होगी। लेकिन, कोरोना के बढ़ते मामलों से उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। एक बार फिर रोजी-रोटी की समस्या पैदा होने का भय सताने लगा है।