घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र से होकर गुजरने वाली सीर खड्ड के तटीकरण की दिल्ली में तकनीकी विभाग से शीघ्र मंजूरी मिलने की उम्मीद जल शक्ति विभाग ने जताई है। विभाग ने बम से लेकर बलघाड़ तक लगभग 40 किलोमीटर के तटीकरण की डीपीआर बनाकर उच्च अधिकारियों को भेजी है। विभाग ने यह डीपीआर 17 दिसंबर 2020 को उच्च अधिकारियों को भेजी थी। लेकिन अभी तक इसे मंजूरी नहीं मिल पाई है।
बम से लेकर बलघाड़ तक खड्ड का तटीकरण करने पर 195 करोड़ रुपये व्यय होंगे। बरसात के दिनों में जब खड्ड उफान पर होती है तो सैकड़ों बीघा भूमि को बहाकर ले जाती है। इससे किसानों की मलकियत भूमि भी खराब हो जाती है। तटीकरण होने के बाद भूमि का कटाव नहीं होगा। किसान अपने खेतों में बेखौफ होकर फसल उगा सकेंगे। जल शक्ति विभाग ने इससे पहले जाहू से बम तक पांच किलोमीटर तटीकरण कर दिया है। तटीकरण होने से किसानों के साथ जल शक्ति विभाग को भी लाभ होगा। बरसात के दिनों में विभाग की मशीनरी भी बह जाती है। इससे उसका बचाव भी होगा। करोड़ों रुपये के नुकसान से बचाव होगा।
जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता सतीश शर्मा ने कहा कि विभाग ने कुछ समय पूर्व डीपीआर बनाकर उच्च अधिकारियों को भेज दी है। फाइल दिल्ली में तकनीकी विभाग के पास पहुंच गई है। उम्मीद है कि अब शीघ्र स्वीकृति प्राप्त हो जाएगी। इसके बाद कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेंद्र गर्ग ने कहा कि सीर खड्ड के तटीकरण का मुद्दा विधानसभा में उठाया था और खुद मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया था कि कार्य को शीघ्र अंजाम दिया जाएगा। इससे किसानों की भूमि का बचाव होगा। सरकार के आदेशानुसार विभाग ने इसकी डीपीआर बनाकर उच्च अधिकारी को भेज दी है। खुद दिल्ली में उच्च अधिकारियों से मिले थे और इस संदर्भ में बात की थी। अब शीघ्र स्वीकृति प्रदान हो जाएगी।