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Bilaspur News: वाहनों की चपेट में आकर सड़कों पर दम तोड़ रहा गोवंश

Sun, 03 Aug 2025 05:34 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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घुमारवीं के नसवाल में हाईवे पर खड़ा लावारिस गोवंश।संवाद
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पांच दिनों में दो हादसे सीसीटीवी में हुए कैद
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जिले की सड़ाकें पर करीब एक हजार गोवंश है लावारिस
गोशालाओं लाखों रुपये अनुदान देकर भी कम नहीं हो रही समस्या

नीरज महाजन
भराड़ी(बिलासपुर)। जिले की सड़कोेें पर वाहनों की चपेट में आकर लावारिस गोवंश दम तोड़ रहा है। पिछले पांच दिनों में दो जगह हादसे हो चुके हैं। घुमारवीं के दकड़ी चौक के पास शनिवार रात को एक कार ने सड़क पर बैठे बैल को रौंद दिया। बाद में उसकी मौत हो गई। 31 जुलाई को दधोल में शिमला-धर्मशाला हाईवे पर बैठे एक बैल पर ट्रक चढ़ गया। यह दोनों हादसे सीसीटीवी में कैद हुए हैं। इसके अलावा भी आए दिन ऐसे हादसे हो रहे, लेकिन वह कैमरों में रिकॉर्ड नहीं हो रहे हैं।
बरसात में सूखी जगह की तलाश में लावारिस गोवंश सड़कों पर बैठ जाता है। इन पशुओं को जगह-जगह बैठे देखा जा सकता है। यह लावारिस गोवंश सड़कों पर अपनी जान तो गवां ही रहे हैं, साथ ही वाहन सवार लोगों की जिंदगी के लिए भी खतरा बना हुआ है, लेकिन प्रशासन को इसकी कोई परवाह नहीं है। रविवार रात को दकड़ी चौक के पास हुए हादसे में बैल की तो दुखद मौत हो गई। गनीमत यह रही कि कार सवार लोग सुरक्षित बच गए। हालांकि कार को लाखों का नुकसान हुआ है। जिले में लावारिस गोवंश की बढ़ती संख्या चिंता का विषय बन गई है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में जिले में लगभग एक हजार लावारिस गोवंश सड़कों पर घूम रहे हैं। लावारिस गोवंश सड़क हादसों का कारण तो बन ही रहा है, साथ लावारिस सांड़ लोगों पर हमला भी कर रहे हैं। किसानों की फसलें भी बर्बाद कर रहे हैं। हालांकि सरकार लावारिस गोवंश पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन उससे भी यह समस्या कम नहीं हो रही है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, जिले में वर्तमान में 14 गोशालाएं सरकारी अनुदान पर संचालित हो रही हैं। इन गोशालाओं में करीब 1400 लावारिस गोवंश रखे गए हैं। सरकार प्रति पशु 700 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से गोशाला संचालकों को अनुदान दे रही है। इस तरह, जिले की गोशालाओं को हर माह करीब 9.80 हजार रुपये की राशि अनुदान के रूप में दी जाती है। बावजूद इसके सड़कों पर हजारों लावारिस गोवंश घूमते नजर आ रहे हैं, जिससे यह सवाल उठता है कि सरकारी प्रयास कितने प्रभावी हैं। संवाद
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कोट
लावारिस पशुओं को सड़कों से हटाने के लिए नगर परिषद और पंचायतों को निर्देश दिए गए हैं। लावारिस पशुओं को रिफ्लेक्टर नेक बैंड भी लगाए जाएंगे, ताकि रात को वह वाहन चालकों को दूर से दिखाई दें। इसके अलावा लावारिश पशुओं को गोसदनों में भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
गौरव चौधरी, एसडीएम घुमारवीं
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