घुमारवीं गांधी चौक पर ड्यूटी देता ट्रैफिक पुलिस कर्मचारी।
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घुमारवीं (बिलासपुर)। बिलासपुर ट्रैफिक पुलिस अब और ज्यादा हाईटेक हो गई है। जिले के हर थाने में चार-चार बॉडी वॉर्म कैमरे ट्रैफिक पुलिस के लिए दिए गए हैं। इन कैमरों से जहां अब ड्यूटी के दौरान पुलिस कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले असामाजिक तत्वों पर नजर रहेगी, वहीं अपनों पर ड्यूटी के दौरान मेहरबान रहने वाले कर्मियों पर भी पहरा रहेगा।
बिलासपुर जिले के ट्रैफिक कर्मचारियों को ड्यूटी देते समय बॉडी वॉर्न कैमरा लगाना पुलिस अधीक्षक ने सुनिश्चित किया है। जिले के हर थाना और चौकियों को कैमरे उपलब्ध करवा दिए गए हैं। जिले के विभिन्न थानों व पुलिस चौकियों में पुलिस कर्मचारियों को 41 कैमरे दिए गए हैं। अक्सर देखा जाता है कि जब ट्रैफिक पुलिस कर्मचारी किसी गाड़ी को सही स्थान पर पार्क करने के लिए कहते हैं तो कुछ लोग उलझ जाते हैं। ऐसी घटनाएं जिले में घटित हो चुकी हैं। अब अगर कोई व्यक्ति ड्यूटी के दौरान ट्रैफिक पुलिस कर्मचारी के साथ दुर्व्यवहार करता है तो उस पर तीसरी आंख का पहरा रहेगा। ट्रैफिक पुलिस कर्मियों पर भी अपनों पर मेहरबान होने के आरोप लगते रहते हैं, लेकिन अब इन सभी गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रहेगी। इससे जहां लोगों के व्यवहार में सुधार होगा, वहीं पुलिस की कार्यप्रणाली भी पारदर्शी होगी।
इनसेट
जिले में आठ थाने और पांच पुलिस चौकियां
जिले में आठ थाने हैं और पांच पुलिस चौकियां हैं। आठ थानों में घुमारवीं, भराड़ी, शाहतलाई, बरमाणा, झंडूता, बिलासपुर, स्वारघाट व कोट हैं। नम्होल, खारसी, ग्वालथाई, श्री नयनादेवी जी, बिलासपुर सीटी चौकी शामिल हैं।
कोटस
पुलिस अधीक्षक सज्जू राम राणा ने कहा कि जिले के सभी थानों और चौकियों के ट्रैफिक कर्मचारियों के लिए ड्यूटी के समय बॉडी वॉर्न कैमरे लगाने सुनिश्चित कर दिए गए हैं। थानों और पुलिस चौकियों को 41 कैमरे दिए गए हैं जो असामाजिक तत्वों की गतिविधियों को रिकॉर्ड करेंगे। संवाद