लुहणू घाट के पास दलदल में फंसी महिला को बाहर लाता होमगार्ड जवान। स्रोत: वीडियोग्रैब
स्थानीय लोगों की सूझबूझ और रेल निर्माण क्रेन की मदद से सुरक्षित निकाली महिला
गोबिंद सागर झील में मछलियों को आटा डालने आई थी महिला
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। लुहणू घाट के समीप उस समय अफरातफरी का माहौल बन गया जब एक महिला गोबिंद सागर झील में मछलियों को आटा डालने के दौरान अनजाने में दलदली क्षेत्र में फंस गई। महिला को दलदल की गहराई का अंदाजा नहीं हुआ और देखते ही देखते वह उसमें धंसने लगी।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय बोट चालक तुरंत मौके पर पहुंचे। बोट चालकों में विजय चंद और ओमप्रकाश के साथ होमगार्ड के जवान कुलदीप व अन्य कर्मियों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान शुरू किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रेल निर्माण कार्य में लगी क्रेन की भी मदद ली गई। स्थानीय बोट चालकों को इस क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और दलदल के खतरनाक हिस्सों की अच्छी जानकारी होने के कारण उन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई। विशेष बात यह रही कि ये सभी बोट चालक दरिया के पार के रहने वाले हैं और उन्हें दलदल के कम-ज्यादा प्रभाव वाले क्षेत्रों का सटीक अंदाजा है।
काफी मशक्कत के बाद महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। समय रहते राहत मिलने से एक बड़ा हादसा टल गया। लोगों ने बताया कि गर्मियों के दिनों में इस क्षेत्र में दलदल बनने की समस्या रहती है और पहले भी बोट चालक कई बार पानी पीने आई गायों को इसी तरह सुरक्षित निकाल चुके हैं। प्रशासन व स्थानीय लोगों ने इस साहसिक कार्य के लिए सभी रेस्क्यू टीम के सदस्यों की सराहना की है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि इस क्षेत्र में जाते समय सतर्क रहें और केवल निर्धारित रास्तों का ही उपयोग करें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। इस रेस्क्यू में बोट चालकों में विजय चंद और ओमप्रकाश के साथ होमगार्ड कुलदीप व अन्य जवानों ने अहम भूमिका निभाई।