जिला भाजपा अध्यक्ष बोले, चुनावी वादे पूरे करने में विफल रही कांग्रेस सरकार
जिला प्रभारी समेत भाजपा के विधायक व पूर्व मंत्री होंगे शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। भारतीय जनता पार्टी बिलासपुर के अध्यक्ष कृष्ण लाल चंदेल ने कहा कि कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के दौरान हिमाचल की जनता से बड़े-बड़े वादे और चुनावी गारंटियां देकर सत्ता हासिल की थी, लेकिन सरकार बनने के बाद इन गारंटियों को पूरा करने के बजाय जनता को गुमराह किया जा रहा है। इसके विरोध में जिला भाजपा की ओर से 29 अगस्त को बिलासपुर में कांग्रेस सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि धरने में जिला प्रभारी रश्मि धर, जिला उप प्रभारी देश राज, श्री नयना देवी जी के विधायक रणधीर शर्मा, झंडूता के विधायक जीत राम कटवाल, सदर विधायक त्रिलोक जम्वाल और घुमारवीं के पूर्व मंत्री राजेंद्र गर्ग विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। जिला व मंडल पदाधिकारी, मोर्चों के अध्यक्ष-पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी धरने में शामिल होंगे। कृष्ण लाल चंदेल ने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव के दौरान महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपये देने, युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने, कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों का समाधान करने और महंगाई कम करने समेत कई घोषणाएं की थीं। सत्ता में आने के बाद सरकार अपने ही वादों और गारंटियों को भूल गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है। भाजपा जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार का कार्यकाल जनहित के बजाय घोषणाओं, कर्ज और अव्यवस्था के लिए जाना जा रहा है। सरकार की नीतियों से कर्मचारी, युवा, किसान, बागवान, व्यापारी, महिलाएं और आम उपभोक्ता परेशान हैं। उन्होंने कहा कि बेरोजगार युवा सरकारी विभागों में रिक्त पदों को भरने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। चंदेल ने कहा कि भाजपा कांग्रेस सरकार से चुनाव के दौरान किए गए वादों का हिसाब जनता के सामने रखेगी। उन्होंने कहा कि धरना किसी राजनीतिक स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि जनता के अधिकारों और सरकार की जवाबदेही के लिए किया जा रहा है। भाजपा आगे भी जनता से जुड़े मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से मजबूती के साथ उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता गांव-गांव और बूथ स्तर तक जाकर कांग्रेस सरकार की कथित विफलताओं और अधूरे वादों को जनता के सामने रखेंगे। उन्होंने जिला भाजपा कार्यकर्ताओं और आम जनता से 29 अगस्त को अधिक से अधिक संख्या में बिलासपुर पहुंचकर धरना-प्रदर्शन में भाग लेने का आह्वान किया।