बिलासपुर में निकाली रैली में दिखा दर्द, प्रदर्शन के बाद सौंपा मांग पत्र
श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर से उपायुक्त कार्यालय तक निकाली रोष रैली
उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भेजा मांग पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। अपने हकों की मांग को लेकर जिला ग्रामीण भाखड़ा विस्थापितों ने सोमवार को जिला मुख्यालय में जोरदार प्रदर्शन किया। जिला ग्रामीण भाखड़ा विस्थापित समिति के बैनर तले सैकड़ों विस्थापितों ने लक्ष्मी नारायण मंदिर से उपायुक्त कार्यालय तक रैली निकालकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में बुजुर्ग पुरुष और महिलाएं भी शामिल रहे, जो हाथों में तख्तियां और मांगों से जुड़े बैनर लिए हुए थे। उपायुक्त कार्यालय के बाहर भी काफी देर तक नारेबाजी की गई।
लक्ष्मी नारायण मंदिर परिसर में हुई सभा को संबोधित करते हुए समिति के प्रधान देश राज शर्मा ने कहा कि ग्रामीण भाखड़ा विस्थापित पिछले 65 वर्षों से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन आज तक उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि विस्थापन की चौथी पीढ़ी चल रही है, फिर भी ग्रामीण क्षेत्र के विस्थापित मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। उन्होंने कहा कि वन भूमि पर बने घरों, खेती और पशुशालाओं को अब तक कानूनी मान्यता नहीं मिली है। इससे हजारों परिवार असुरक्षा की भावना में जी रहे हैं। उन्होंने मांग की कि वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत उन्हें कानूनी अधिकार और पट्टे दिए जाएं। सभा के बाद प्रदर्शनकारी शहर के मुख्य मार्गों से रैली के रूप में उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। यहां प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन विस्थापितों के चेहरों पर आक्रोश साफ झलक रहा था। समिति के प्रतिनिधिमंडल ने प्रधान देश राज शर्मा की अगुवाई में उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग की गई । देश राज शर्मा ने स्पष्ट किया कि विस्थापित समिति एक गैर-राजनीतिक मंच है और उसका उद्देश्य केवल विस्थापितों को उनका अधिकार दिलवाना है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा और आगामी रणनीति तय की जाएगी। इस अवसर पर समिति के उपाध्यक्ष बलदेव ठाकुर, सचिव श्रीराम चौहान, पूर्व प्रधान बाबू राम, राज कुमार, सुरेश कुमार सहित कई अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।
मांगे
- बिजली पानी के काटे गए कनेक्शन बहाल किए जाएं
- विस्थापित परिवारों को बिजली पानी की निशुल्क सुविधा दी जाए
- भूमि हीन विस्थापितों को भूमि उपलब्ध कराई जाए
-बीबीएमबी और सरकारी नौकरियों में विस्थापितों के बच्चों को आरक्षण देने
-भाखड़ा डैम से मिलने वाली रॉयल्टी का 25 प्रतिशत हिस्सा विस्थापितों के कल्याण पर खर्च हो
- सिंचाई और पेयजल के लिए पानी लेने की अनुमति दी जाए
इनसेट
सरकार नहीं कर रही कोई सुनवाई
पपलोहा के कुंजुराम ने बताया कि जब बांध लगा तो उनके पूर्वजों को वहां से उजाड़ा गया। उस समय मछली पकड़ना, सोना धोना और घराट चलाना उनके समुदाय का मुख्य कार्य था। पांच जगह उनका बसाव हुआ, लेकिन मूल समस्या का समाधान नहीं हुआ। उसके बाद उन्हें जंगलों में बसाया गया और आज प्रशासन उन्हें अवैध कब्जा बता रहा है। बिजली पानी के कनेक्शन काटने की बातें की जा रही हैं। सरकार कोई सुनवाई नहीं कर रही है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि अब सौतेला व्यवहार बंद किया जाए और उनके लिए स्थायी नीति बनाई जाए।
इनसेट
गोबिंद सागर झील में बह रहा भाखड़ा विस्थापितों को खून-पसीना
मलराओं के ओंकार चंदेल ने कहा कि हम अब उन्हीं लोगों का चुनाव करेंगे जो विस्थापितों की मांगों को पूरा करने में उनकी सहायता करेगा। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई भाजपा या कांग्रेस की नहीं, बल्कि उनके हकों की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि गोबिंद सागर झील में भाखड़ा विस्थापितों का खून बह रहा है, जिन्हें उजाड़ा गया और आज तक उनका बसाव सही से नहीं किया गया। उनकी बहुमूल्य भूमि भाखड़ा की भेंट चढ़ गई, लेकिन इसके बदले इन्हें कुछ नहीं मिला।
उपायुक्त कार्यालय के बाहर मांगो को लेकर इकठ्ठा हुए भाखड़ा विस्थापित। संवाद
उपायुक्त कार्यालय के बाहर मांगो को लेकर इकठ्ठा हुए भाखड़ा विस्थापित। संवाद