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Bilaspur News: प्रतिबंध बेअसर, घुमारवीं में खुलेआम बिक रहा गुटखा, तंबाकू

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घुमारवीं की एक दुकान में खुले में बेचने के लिए लटकाए तंबाकू उत्पाद। संवाद
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ग्राउंड रिपोर्ट
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सरकारी आदेशों की अनदेखी, उत्पादों पर प्रतिबंध के चलते दोगुने-चौगुने दाम पर बिक्री
बीड़ी-सिगरेट विक्रेताओं तक सीमित होकर रह गई है विभागों की कार्रवाई

युवा पीढ़ी को पथभ्रष्ट कर चांदी कूट रहे मादक पदार्थों के कारोबारी
स्कूलों, कॉलेजों, सार्वजनिक स्थलों के पास मिल रहे खाली गुटखा के पाउच

संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। उपमंडल घुमारवीं में सरकार की ओर से गुटखा, तंबाकू उत्पादों पर लगाए गए प्रतिबंध के बावजूद अधिकतर दुकानों में इनकी खुलेआम बिक्री हो रही है। शहर और उसके आसपास के क्षेत्रों में तंबाकू, गुटखा और पान मसाला बिना रोक-टोक बेचा जा रहा है। विभागों की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई न होने के कारण दुकानदारों में किसी भी प्रकार का भय नहीं है।
कार्रवाई केवल उन बीड़ी-सिगरेट विक्रेताओं तक सीमित होकर रह गई है, जिनके पास लाइसेंस नहीं हैं। बाकी दुकानों पर गुटखा, खैनी के पाउच खुलेआम बिकते हुए देखे जा सकते हैं। प्रतिबंध के बावजूद गुटखा, खैनी, तंबाकू के कारोबारी चांदी कूट रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रदेश में इन पदार्थों के ले जाने, व्यापार करने, बेचने पर सख्त प्रतिबंध लगा रखा है। फिर भी डेली नीड्स, बीड़ी-सिगरेट की दुकानों पर गुटखा और खैनी धड़ल्ले से बिक रहे हैं। यही नहीं, यह प्रतिबंध तो इन असामाजिक तत्वों के लिए और भी अधिक मोटी कमाई का साधन बन गया है। ये पदार्थ अपनी मूल कीमत से तीन-चार गुना अधिक कीमत पर बिक रहे हैं। इससे इन्हें बेचने वाले खूब चांदी कूट रहे हैं।
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स्थिति यह है कि स्कूलों, कॉलेजों, सार्वजनिक स्थलों के पास खाली गुटखा पाउच और खैनी के रैपर आसानी से मिल जाते हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि प्रतिबंधित सामग्री बच्चों और युवाओं की आसान पहुंच में है। प्रदेश सरकार ने युवा पीढ़ी को नशे से बचाने के उद्देश्य से गुटखा और तंबाकू पर प्रतिबंध तो लगाया है, लेकिन यह प्रतिबंध धरातल पर प्रभावी रूप से लागू नहीं हो पा रहा है।
शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में किराना की दुकानों, कन्फेक्शनरी स्टोर, डेली नीड्स की दुकानों पर गुटखा और तंबाकू को दो से चार गुना दाम पर बेचा जा रहा है। प्रतिबंध लागू होने के बाद इनकी खूब बिक्री हो रही है। लोगों की मांग है कि प्रशासन इस अवैध व्यापार पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाए। केवल कागजों में प्रतिबंध लगाने से यह धंधा बंद नहीं हुआ है, बल्कि और अधिक फल-फूल रहा है। प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि गुटखा और तंबाकू पर लगाए गए प्रतिबंध को कड़ाई से लागू किया जाए, ताकि बच्चों और युवाओं को नशे की लत से बचाया जा सके।
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स्कूलों के निकट किसी भी तरह के नशीले पदार्थ, गुटखा, तंबाकू आदि की बिक्री को रोकने के लिए स्कूल प्रबंधन को नियमित निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। शहर में जहां भी गुटखा, तंबाकू की बिक्री की जानकारी मिलेगी, सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रतिबंधित सामग्री बेचने वाले लोगों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
-केएस ठाकुर, निरीक्षक, खाद्य सुरक्षा विभाग बिलासपुर
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