औहर में महिलाओं की ओर से लगाया गई फूड वैन। स्रोत: जागरूक पाठक
महिलाओं ने छोटे प्रयास से खड़ा किया सफल कारोबार
कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर लगाई फूड वैन बनी आय का मजबूत जरिया
संवद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर भगेड़ फ्लाईओवर के नीचे खड़ी हिम इरा फूड वैन सिर्फ स्वादिष्ट व्यंजनों का केंद्र नहीं, बल्कि महिला आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की सशक्त पहचान बन चुकी है। अराधना स्वयं सहायता समूह, बकरोआ की स्थानीय महिलाओं की ओर से संचालित यह फूड वैन यह साबित करती है कि अगर महिलाओं को सही अवसर और मंच मिले तो वे छोटे प्रयास को भी सफल कारोबार में बदल सकती हैं।
इन महिलाओं ने सीमित पूंजी और संसाधनों से अपने स्टार्टअप की शुरुआत की। स्वाद, शुद्धता और गुणवत्ता को आधार बनाकर तैयार किए गए खाद्य पदार्थों ने बहुत ही कम समय में राहगीरों और पर्यटकों के बीच अपनी अलग पहचान बना ली। कीरतपुर–मनाली फोरलेन पर गुजरने वाले वाहन चालक और यात्री यहां रुककर इनके व्यंजनों का स्वाद लेना नहीं भूलते। इसके चलते फूड वैन की बिक्री लगातार बढ़ रही है और महिलाओं की आमदनी में निरंतर सुधार हो रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह फूड वैन महिलाओं के लिए रोजाना हजारों रुपये की आय का जरिया बन चुकी है। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि परिवार की जरूरतों को पूरा करने में भी उन्हें आत्मसम्मान के साथ योगदान करने का अवसर मिला है। हिम इरा महिला स्टार्टअप का ऐसा मॉडल बन गया है, जो यह दिखाता है कि सामूहिक मेहनत, अनुशासन और गुणवत्ता के साथ कोई भी छोटा व्यवसाय सफल हो सकता है। समूह की महिलाएं आज अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार अपनाने और आर्थिक रूप से मजबूत बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं। यह फूड वैन क्षेत्र की उन महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो रोजगार की तलाश में हैं। बकरोआ की महिलाएं यह संदेश दे रही हैं कि इच्छाशक्ति हो तो स्वाद के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की कहानी भी लिखी जा सकती है।