फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bilaspur News: चिट्टा बरामदगी मामले में आरोपी को जमानत

विज्ञापन
विज्ञापन
अदालत ने कहा- 9.30 ग्राम बरामदगी व्यावसायिक मात्रा से काफी कम
विज्ञापन

एक लाख के निजी बांड और जमानती पर रिहाई के आदेश

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। पुलिस थाना सदर के तहत 9.30 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामदगी के मामले में न्यायिक हिरासत में चल रहे आरोपी को अदालत ने जमानत दे दी है। विशेष न्यायाधीश-द्वितीय बिलासपुर की अदालत ने आरोपी को एक लाख रुपये के निजी बांड और इतनी ही राशि के एक जमानती के आधार पर रिहा करने के आदेश दिए। मामला 29 अगस्त 2026 को थाना सदर में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। पुलिस टीम ढलियार-फोरलेन रोड के पास गश्त और नाकाबंदी ड्यूटी पर थी। इसी दौरान कीरतपुर की ओर से एक मोटरसाइकिल आती दिखाई दी। बाइक पर दो लोग सवार थे। पुलिस ने बाइक को जांच के लिए रोका। गतिविधियां संदिग्ध लगने पर तलाशी ली गई। स्वतंत्र गवाह उपलब्ध नहीं होने पर पुलिस कर्मियों को ही गवाह बनाया गया।
तलाशी के दौरान मोटरसाइकिल की सीट के नीचे पारदर्शी पॉलीथिन में भूरा पदार्थ मिला। ड्रग डिटेक्शन किट से जांच करने पर पदार्थ हेरोइन/चिट्टा पाया गया। पॉलीथिन समेत इसका वजन 9.30 ग्राम था।
विज्ञापन
विज्ञापन

आरोपी ने अदालत में खुद को झूठा फंसाए जाने की दलील दी और कहा कि उसके कब्जे से कोई बरामदगी नहीं हुई है। सरकारी पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए आरोपी के खिलाफ दो अन्य आपराधिक मामलों का हवाला दिया। अदालत ने कहा कि हेरोइन की छोटी मात्रा पांच ग्राम और व्यावसायिक मात्रा 250 ग्राम है। 9.30 ग्राम बरामदगी व्यावसायिक मात्रा से काफी कम है, इसलिए एनडीपीएस एक्ट की धारा 37 की कठोर शर्तें स्वतः लागू नहीं होतीं। अदालत ने कहा कि लंबित आपराधिक मामले अकेले दोष साबित नहीं करते। बरामदगी हो चुकी है और आरोपी हिरासत में रह चुका है। इसके बाद अदालत ने जमानत मंजूर कर दी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें