बागछाल में हुए हादसे के बाद फोरलेन पर शव रखकर चक्का जाम करते लोग। संवाद
कंपनी की मनमानी से उबाल, प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद दो घंटे में खुला जाम
दो लाख रुपये फौरी राहत और नियमों के अनुसार मुआवजा देने की हुई बात
संवाद न्यूज एजेंसी
स्वारघाट (बिलासपुर)। बाघछाल पुल के पास रविवार तड़के करीब दो बजे ट्रक चालक की दर्दनाक मौत के बाद रेलवे लाइन निर्माण में लगी कंपनी की लापरवाही और मनमानी के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता न मिलने से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने मृतक का शव कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन के बीचोंबीच रखकर चक्का जाम कर दिया।
लोगों ने बताया गया कि हादसे के कई घंटे बाद तक कंपनी का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे नाराज लोगों ने सड़क जाम कर कंपनी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। जाम के चलते फोरलेन पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया और ट्रैफिक को पुराने राष्ट्रीय उच्च मार्ग से डायवर्ट करना पड़ा। स्थिति बिगड़ती देख जिला प्रशासन हरकत में आया। एएसपी बिलासपुर शिव चौधरी, एसडीएम स्वारघाट धर्मपाल चौधरी और तहसीलदार संजीव कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासन की मध्यस्थता के बाद कंपनी और पीड़ित परिवार के बीच सहमति बनी। पीड़ित परिवार को फौरी राहत के तौर पर दो लाख रुपये देने और कंपनी के नियमों के तहत मुआवजा देने पर सहमति के बाद करीब दो घंटे बाद जाम खुल पाया। स्थानीय लोगों और चालकों ने कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए। कंपनी में लगे चालकों ने बताया कि कंपनी के अधिकारियों की मनमानी के चलते उन्हें ओवरलोड ट्रकों को इस टूटी फूटी सड़क पर गाड़ियों को ले जाना पड़ता है जिसके चलते उन्हें हर वक्त खतरा बना रहता है। यदि कोई चालक इस मुद्दे को उठाता भी है तो उसे यह कह कर डराया धमकाया जाता है कि आपने काम करना है तो करो नही तो आप जैसे चालक और बहुत हैं आपको नौकरी से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा। इस खौफ में चालक मजबूरी में गैर कानूनी ओवरलोड ट्रकों को चलाते हैं। स्थानीय समाजसेवियों में सतीश शर्मा, डॉ. अनिल ठाकुर (लक्की), रंजीत सिंह, रामपाल ठाकुर सहित अन्य लोगों ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि कंपनी की मनमानी पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति न हो।
बागछाल में हुए हादसे के बाद फोरलेन पर शव रखकर चक्का जाम करते लोग। संवाद