-प्रशासन ने आपत्तियां हटाकर दोबारा सरकार को भेजी है फाइल
-स्काई ग्लास ब्रिज, फ्लाइंग होटल, वे-साईड एम्युनिटीज, जिप लाइन परियोजना में शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। गोबिंद सागर झील के किनारे मंडी-भराड़ी को हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की बड़ी योजना पर काम शुरू हुआ है। परियोजना में स्काई ग्लास ब्रिज, फ्लाइंग होटल, वे-साइड एम्युनिटीज, जिप लाइन जैसे आकर्षण प्रस्तावित हैं। प्रशासन ने इन परियोजनाओं को लेकर सरकार को फाइल भेजी थी। पहले इस पर कुछ आपत्तियां उठाई गई थीं, जिन्हें दूर कर अब संशोधित फाइल को दोबारा मंजूरी के लिए भेजा गया है।
मंडी-भराड़ी में प्रस्तावित इन परियोजनाओं का उद्देश्य न केवल पर्यटकों को आकर्षित करना है, बल्कि उन्हें लंबे समय तक यहां रोकना भी है। गोबिंद सागर झील पर बनने वाला स्काई ग्लास ब्रिज पर्यटकों को रोमांचक अनुभव देगा। यहां से झील और आसपास के मनोरम दृश्य देखने को मिलेंगे। इसके साथ ही मंडी भराड़ी स्थित क्रेन पर बनने वाला फ्लाइंग रेस्तरां अनूठा होगा, जहां पर्यटक खाने के साथ हवा में ही झील के मनमोहक दृश्य का आनंद लेंगे। साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए झील के ऊपर से गुजरती यह जिप लाइन इस परियोजना का मुख्य आकर्षण रहेगी। यहां पर प्रस्तावित वे-साइड एम्युनिटी परियोजना में सड़क किनारे पर्यटकों के लिए सुविधाजनक रेस्ट रूम, पार्किंग, छोटे कैफे बनेंगे। जिला प्रशासन ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना की फाइल सरकार को भेजी थी। इसमें तकनीकी आपत्तियां थीं, जिन्हें अब हटा दिया गया है। संशोधित फाइल को दोबारा सरकार को भेजा गया है। प्रशासन का कहना है कि जैसे ही मंजूरी मिलेगी, इस पर काम शुरू करने के लिए प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी।
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टेंडर जारी होने से पहले तैयार होगा प्राक्कलन
परियोजना के तहत निर्माण कार्यों का पूरा प्राक्कलन टेंडर जारी होने से पहले तैयार किया जाएगा। इसमें यह तय किया जाएगा कि इन योजनाओं पर कितना खर्च आएगा। किस तरह से कौन सी परियोजना का निर्माण कैसे होगा। ग्लास ब्रिज पर कितना खर्च होगा। यह सब टेंडर देते समय ही निर्धारित किया जाएगा।
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परियोजना के लाभ
इन योजनाओं से स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर खुलेंगे। इन आकर्षक परियोजनाओं से बिलासपुर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख पर्यटन स्थल बनकर उभरेगा। पर्यटकों के बढ़ने से स्थानीय व्यापार, होटल और अन्य सहायक उद्योगों को बड़ा फायदा होगा।
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फाइल में जो आपत्तियां लगी थी, उन्हें हटाकर दोबारा फाइल मंजूरी के लिए भेजी गई है। परियोजना को लेकर उनकी तरफ से पूरी तैयारी है, जैसे ही सरकार से हरी झंडी मिलेगी वैसे ही टेंडर जारी कर काम शुरू कर दिया जाएगा।