दिन बुधवार...समय सुबह 6:30 बजे। स्थान नघ्यार पंचायत के मरुढ़ा गांव में शहीद बलवीर का घर। भीगी आंखों से शहीद के पार्थिव शरीर के आने का इंतजार और फिजा में एक सन्नाटा सा छाया हुआ था। आंखों से आंसू बह रहे थे लेकिन जुबां खामोश थी।
6 बजकर 47 मिनट पर जालंधर से 27 एडीसी के 12 जवानों की सैनिक टुकड़ी मेजर रतीश की अगुवाई में शहीद के घर पहुंची। तीन दिनों से शहीद की पार्थिव देह का इंतजार कर रहे परिजनों और ग्रामीण की खामोशी टूट गई और सब फूट-फूट कर रो पड़े। शहीद के पार्थिव शरीर की एक झलक पाने को सड़क की तरफ लोग दौड़े।
पत्नी अरुणा, बेटी प्रियंका और बेटा विवेक बिलख-बिलखकर रोने लगे। माहौल इतना गमगीन था कि मौके पर मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। 7 बजकर 18 मिनट पर पार्थिव देह को लेकर एंबुलेंस पहुंची। सैनिकों की टुकड़ी पहले से ही पोजिशन में खड़ी थी। जैसे ही तिरंगे में लिपटी शहीद की पार्थिव देह को सैनिक कंधा देकर घर की ओर चले तो सैनिकों ने सलामी दी। लोगों ने शहीद बलदेव अमर रहे, भारत माता की जय और जब तक सूरज चांद रहेगा, बलदेव तेरा नाम रहेगा के नारों से क्षेत्र गूंज उठा।
7 बजकर 22 मिनट पर शहीद की तिंरगे में लिपटी देह से पूरा परिवार लिपट कर फूट-फूटकर रो पड़ा। 15 मिनट में पत्नी अरुणा सहित सभी परिजनों और ग्रामीणों ने शहीद के आखिरी दर्शन किए। 7 बज कर 56 मिनट पर शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए घर से सरहयाली खड्ड के श्मशानघाट की तरफ रवाना हुए। जवान को श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए मानो पूरा क्षेत्र ही उमड़ पड़ा।
8 बजकर 47 मिनट पर शहीद सूबेदार बलदेव शर्मा को सैनिक अधिकारियों, सैनिक टुकड़ी और जिला पुलिस के जवानों ने दो मिनट मौन रखकर श्रद्धांजली दी। 8 बजकर 54 मिनट पर जीओसी असम राइफल्स की ओर से मेजर रितेश ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। 8 बजकर 57 मिनट पर पुलिस प्रशासन की ओर से बिलासपुर के डीएसपी राकेश ने श्रद्धासुमन अर्पित किए।
8 बजकर 58 मिनट पर प्रदेश के राज्यपाल की ओर से घुमारवी के एसडीएम अदित्य नेगी और झंडूता के विधायक रिखीराम कौडल ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। जबकि तलाई के थाना प्रभारी प्रेम सिंह सहित काफी संख्या में लोगों ने श्रद्धाजंलि दी।
9 बज कर 9 मिनट पर सैनिक और पुलिस टुकड़ी ने संयुक्त रूप में तीन राउंड में हवाई फायर करके शहीद सूबेदार बलदेव शर्मा को अंतिम सलामी दी गई। जबकि 9 बजकर 11 मिनट पर शहीद के बेटे विवेक ने चिता को मुखाग्नि देकर अंतिम विदाई दी गई।