-सरकार ने तकनीकी निदेशक को पत्र लिखकर बजट मुहैया कराने के दिए आदेश
-कॉलेज के भवन, सड़क, मुख्य गेट के निर्माण के लिए प्रस्तावित है 3-10 बीघा भूमि का अधिग्रहण
-मोल भाव से बात न बनने के बाद भूमि अधिग्रहण एक्ट के तहत ली जाएगी जमीन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। प्रदेश सरकार ने हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बंदला के निर्माण के लिए 3-10 बीघा भूमि के अधिग्रहण को मंजूरी दे दी है। इसके लिए सरकार ने करीब 63.61 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की है। इस भूमि अधिग्रहण से कॉलेज के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, जिससे तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। इस जमीन पर कॉलेज के भवन, सड़क और मुख्य गेट का निर्माण होगा।
पिछले करीब चार साल से जमीन का अधिग्रहण कार्य पूरा न होने से कॉलेज के मुख्य गेट और एक भवन बनाने में परेशानी हो रही थी। पहले प्रशासन भूमि मालिकों से मोल भाव कर जमीन अधिग्रहण की कोशिश में था। लेकिन जब लोग नहीं माने तो फिर इस जमीन का अधिग्रहण एक्ट के तहत किया जा रहा है। इसकी प्रक्रिया प्रशासन ने 2024 में ही पूरी कर ली थी। जिसमें भूमि अधिग्रहण से होने वाले विस्थापित, प्रभावित परिवारों की समस्याओं की सुनवाई भी की गई थी। वहीं अब एक्ट की सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अधिग्रहण के लिए सरकार ने मंजूरी दी है। तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के विशेष सचिव सुनील शर्मा ने आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि इस परियोजना में किसी भी तरह का अतिरिक्त व्यय नहीं किया जाएगा। इसे तय बजट में ही पूरा करना होगा। आदेश में बताया गया कि यह स्वीकृति वित्त विभाग द्वारा प्रदान की गई है। यह राशि वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान मांग संख्या 27 के तहत खर्च की जाएगी।
तकनीकी शिक्षा विभाग ने तकनीकी शिक्षा निदेशक सुंदरनगर मंडी को पत्र जारी कर लिखा है कि वो हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बंदला के भूमि अधिग्रहण के लिए बजट मुहैया कराएं। बताते चलें कि बंदला में प्रस्तावित हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए भूमि अधिग्रहण का यह निर्णय राज्य में तकनीकी शिक्षा के विस्तार में एक अहम कदम साबित होगा।