डीएवी पब्लिक स्कूल आवासीय शाखा बरमाणा में वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह हर्षोल्लास से मनाया गया। इसमें एसीसी सीमेंट फैक्टरी के क्लस्टर हैड (नॉर्थ) आरके सिन्हा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।
उन्होंने शैक्षणिक, खेलकूद और अन्य गतिविधियों में अव्वल रहे बच्चों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्जवलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई।
इसके बाद स्कूल शिक्षक रमेश कुमार और बच्चों ने धन्य है ऋषि, तूने हमें जगा दिया... वैदिक भजन प्रस्तुत किया गया। छात्रों ने कुल्लवी नाटी में लाल तेरे होठडू़, झुमके-झुमके, नीरू चाली घुमदी... सहित हरियाणवी नृत्य सहित डांडिया और भांगड़ा की शानदार प्रस्तुति दी।
वहीं, जलियांवाला बाग पर आधारित लघु नाटिका प्रस्तुत कर दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। इससे पूर्व स्कूल प्रधानाचार्य आरके वाधवा ने स्कूल की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की।
उन्होंने बताया कि स्कूल को केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी ने बाल स्वच्छता मिशन में शानदार प्रदर्शन के लिए राष्ट्र स्तर पर सम्मानित किया जा चुका है।
मुख्यातिथि ने उपस्थित बच्चों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि अभिभावक बच्चों के ऊपर पढ़ाई को लेकर दबाव न बनाएं, बल्कि बच्चों को स्वेच्छा से मनपसंद विषय चुनने के लिए सहयोग करें।
हर विद्यार्थी को हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा निखारने का मौका मिलता है। आज तक जो भी व्यक्ति उच्च स्थान पर रहा है, उसकी पृष्ठभूमि एक साधारण परिवार से संबंधित रही है।
जीवन का सही आंकलन अध्यापक के बिना असंभव है। पूरी दिनचर्या में छात्र केवल कुछ ही घंटों में शिक्षक के पास ज्ञान हासिल करता है, बाकि समय में परिवार और समाज के बीच रहकर सीखता है।
समारोह में डीएवी रिजनल डायरेक्टर रमा परवान, सीएसआर प्रबंधक हितेंद्र कपूर, सेवानिवृत्त मेजर एलआर शर्मा, वीएसबी कंपनी के सीएमडी डीएस मुखर्जी, एसबीपी के प्रबंधक एसडी शर्मा और सुशील कुमार विशेष से उपस्थित रहे।
पौधे देकर किया सम्मानित
वार्षिक समारोह में स्कूल प्रशासन ने एक नई पहल की। पौधा रोपण और पर्यावरण संरक्षण के तहत प्रशासन ने मुख्यातिथि और विशेष रूप से आमंत्रित अतिथियों को शॉल और स्मृति चिन्ह देने सहित पौधे का उपहार देकर सम्मानित किया। इस दौरान मंच संचालन सीमा शर्मा और विंध्या वाधवा ने किया।
इन्हें मिला सम्मान
वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में विभिन्न क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर वंशिका आरुषि, शौर्य चंदेल, श्रेय दास, सरीन, संची, अक्षिता, मोहम्मद आशद, आदर्श और मासूम को मुख्य अतिथि ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।