जेएनयू में देश विरोधी नारों को लेकर चल रहे विवाद पर वामपंथी उग्र हो गए हैं। कन्हैया की गिरफ्तारी के विरोध में बुधवार को बिलासपुर में वामपंथी संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, अखिल भारतीय नौजवान सभा, एआईटीआईसी और एआईएसएफ प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने चंपा पार्क में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राजनाथ सिंह के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं, पीएम नरेंद्र मोदी का पुतला भी फूंका।
प्रदर्शनकारियों में प्रवेश चंदेल, लेखराम वर्मा, प्रो. केएस धीर और लेखराम धीमान ने कहा कि कन्हैया ने कोई देशद्रोही नारे नहीं लगाए, उसे मात्र निशाना बनाया जा रहा है।
क्योंकि उन्होंने एफटीआईआई के छात्रों का समर्थन किया था और आईआईटी मद्रास में अंबेडकर पेरियार स्टडी सर्कल को बैन करने के खिलाफ आंदोलन करने सहित ऑक्यूपाई यूजीसी का नारा दिया।
जेएनयू में हैदराबाद के छात्र रोहित वेमूला की प्रशासनिक हत्या के विरोध में पूरे देश में आंदोलन चलाया था। वक्ताओं ने कहा कि जिन लोगों का देश की आजादी की लड़ाई में कोई योगदान नहीं है, वे लोग देशभक्ति के प्रमाण पत्र बांट रहे हैं।