जिले में अब कोरोना खत्म होने की कगार पर है। कोरोना मुक्त होने में जिला सिर्फ दो कदम दूर है। जिले में दो ही संक्रमित हैं, जबकि 18133 मरीज कोरोना को मात दे चुके हैं। जिले में संक्रमण को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से डटा रहा। टीकाकरण तजी से होने से कोरोना की तीसरी लहर अपना ज्यादा असर नहीं दिखा पाई।
कोरोना की पहली और दूसरी लहर ने जिले में काफी कहर बरपाया। स्वास्थ्य विभाग ने तेजी से हर वर्ग का टीकाकरण किया। सबसे पहले फ्रंट लाइन वर्कर, हेल्थ वर्कर व वरिष्ठ नागरिकों को कोरोना की वैक्सीन लगाने के अभियान चलाया। इसके बाद अन्य लोगों का तेजी से टीकाकरण किया गया। इसके कारण आज जिला बिलासपुर कोरोना से मुक्त होने की कगार पर है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि कोरोना से बचने के उपायों के बारे में लोगों को घर-घर जाकर जागरूक किया है। अब सभी लोग कोरोना से बचने के तरीकों के बारे में बखूबी जानते हैं। इस जागरूकता के कारण जिले में सिर्फ 2 ही कोरोना मामले बचे हैं। कुछ ही दिनों में जिला बिलासपुर कोरोना मुक्त हो जाएगा।
पांच दिन में सामने नहीं आया कोरोना का कोई नया मामला : परमिंद्र
एमओएच परमिंद्र ने बताया कि जिले में अभी तक कोरोना से 18231 लोग संक्रमित हो चुके हैं। 18133 लोगों ने कोरोना को मात दी है। वहीं 96 लोग अपनी जान गवां चुके हैं। उन्होंने बताया कि जिले में पिछले पांच दिन से कोरोना का कोई भी मामला सामने नहीं आया है। वहीं टीकाकरण अभियान का कार्य भी जोरों पर है। इसके कारण अब टीकाकरण का असर देखने को मिल रहा है।
लोगों ने दिखाई समझदारी, कम हुआ कोरोना का असर : रेखा
आशा वर्कर रेखा देवी ने बताया कि जिले में जब कोरोना के मामले ज्यादा थे, तो उस समय विभाग के आदेशानुसार उन्होंने घर-घर जाकर कोरोना से बचाव के प्रति जागरूक किया। लोगों को मास्क और सैनिटाइजर वितरित किए। लोगों ने भी समझदारी दिखाते हुए कोरोना नियमों की पालना की। इसके कारण अब कोरोना के मामलों में कमी आई है।
विभाग की तैयारियों की वजह से ओमिक्रॉन को फैलने का नहीं मिला मौका : कमल
वैक्सीन की दोनों डोज लगा चुके युवा कमल ने कहा कि तीसरी लहर के दौरान कोरोना संक्रमण के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के फैलने की आशंका रही, लेकिन जिला स्तर पर बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों की वजह से वैरिएंट को फैलने का मौका नहीं मिल पाया। विदेश से आने वाले हर व्यक्ति को निगरानी में रखा गया। इसी वजह से जिले में ओमिक्रॉन का कोई असर देखने को नहीं मिला।