कोरोना महामारी से जंग अभी थमी नहीं है। इस जंग में पहले भी युवाओं ने समाजहित में बढ़ चढ़कर भागीदारी की तो अब भी सक्रिय हैं। कोरोना संकट के दौर में युवाओं ने घर-घर जाकर लोगों को टीका लगवाने के लिए प्रेरित किया। बुजुर्ग को वैक्सीनेशन सेंटर तक पहुंचने भी मदद की।
कोरोना महामारी की शुरुआती दौर में पूरी दुनिया थम गई थी। लोग घरों से बाहर निकलने से डर रहे थे। एकाएक देश भर में लॉकडाउन शुरू हुआ और देश भर के लोगों का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। महामारी के चलते लोग एक दूसरे के संपर्क में आने से डरने लगे।
लोगों के घरों में राशन की कमी आने लगी तो कई जगहों पर लोगों को दवा आदि की समस्या पेश आने लगी। इस विकट दौर में जिले के कुछ उत्साही युवाओं ने जिम्मा संभाला और कोरोना जैसी महामारी के दौरान सामाजिक हित के लिए कार्य करने में जुट गए। कोरोना काल के दौरान सामाजिक कार्यों के लिए उठ खड़े हुए ऐसे ही कुछ युवा समाज को प्रेरणा देने का काम कर रहे हैं।
चार सहयोगियों के साथ की शुरुआत
घुमारवीं के युवा कमल महाजन ने कोरोना संकट में सराहनीय सेवाओं से सभी का ध्यान खींचा। उन्होंने साथी चार युवाओं के साथ महामारी से जंग में मोर्चा संभाला। साथियों के साथ हर वर्ग के लोगों को कोरोना टीकाकरण करवाने के लिए प्रेरित किया। स्कूलों में जाकर वैक्सीनेशन अभियान को सफल बनाने में सक्रिय रहे। कोरोना पीड़ितों की मदद के लिए भी तत्पर रहे।
वैक्सीन को लेकर किया जागरूक
बद्दाघाट के राजकुमार सेन, सतीश महाजन, अमित कौशल ने कोरोना वैक्सीन को लेकर शुरुआती दौर में बनी भ्रांतियों को दूर करने के प्रयास किए उन्होंने जगह-जगह जाकर लोगों को जागरूक किया कि वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है। खुद वैक्सीन लगवाकर बताया कि वो स्वस्थ हैं। उन्हें कोई खतरा नहीं है। चलने में असमर्थ बुजुर्गों को वैक्सीन सेंटर पहुंचाने में मदद की।
शुरू करवाए वैक्सीनेशन सेंटर
घुमारवीं के विशाल ने अपनी टीम के सहयोग से कई जगहों पर कोरोना वैक्सीनेशन सेंटर शुरू करवाए। लोगों को टीकाकरण के लिए प्रेेरित करने को अभियान चलाया। ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों के मन से वैक्सीन का भय निकालकर उन्हें टीकाकरण के लिए प्रेरित किया।