फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bilaspur News: किक बॉक्सिंग में देश का नाम रोशन कर रहे देलग के अखिल ठाकुर

विज्ञापन
अखिल ठाकुर
विज्ञापन
आठ साल की उम्र में कराटे से शुरू किया सफर, युवाओं के लिए बने प्रेरणास्रोत
विज्ञापन

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चमकाया बिलासपुर का नाम

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर बिलासपुर के देलग गांव के युवा किक बॉक्सर अखिल कुमार ठाकुर की उपलब्धियां युवाओं के लिए प्रेरणादायक हैं। कड़ी मेहनत, अनुशासन और लगन के दम पर अखिल ने किक बॉक्सिंग में राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत का प्रतिनिधित्व कर देश और बिलासपुर का नाम रोशन किया है। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप और वर्ल्ड कप में पदक जीत चुके अखिल आज क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।
अखिल ठाकुर का जन्म 8 दिसंबर 2000 को बिलासपुर के देलग गांव में हुआ। उनके पिता पुरुषोत्तम भारतीय सेना में सूबेदार के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं, जबकि माता हेमलता गृहिणी हैं। अखिल ने महज आठ वर्ष की उम्र में कराटे से खेल की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने बॉक्सिंग में भी हाथ आजमाया और वर्ष 2014 में किक बॉक्सिंग को अपना मुख्य खेल बना लिया। इसके बाद उन्होंने लगातार प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाई।
विज्ञापन
विज्ञापन

अखिल की प्रमुख अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों में अक्तूबर 2024 में कंबोडिया में आयोजित सीनियर एशियन किक बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक शामिल है। इसके अलावा उन्होंने अप्रैल 2025 में बैंकॉक में आयोजित थाईलैंड किक बॉक्सिंग वर्ल्ड कप में रजत पदक हासिल किया। वह वर्ष 2023 में पुर्तगाल में आयोजित वाको सीनियर वर्ल्ड किक बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वहीं नवंबर 2025 में अबू धाबी में हुई सीनियर वर्ल्ड किक बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भी उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया। अखिल ने 2022 में बैंकॉक, थाईलैंड में आयोजित एशियन किक बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। इसके अलावा उन्होंने मई 2022 में 7वें टर्किश ओपन किक बॉक्सिंग वर्ल्ड कप में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया। राष्ट्रीय और विश्वविद्यालय स्तर पर भी अखिल की उपलब्धियों की लंबी सूची है। अखिल का कहना है कि खेल में सफलता के लिए मेहनत के साथ अनुशासन और निरंतर अभ्यास जरूरी है। उनकी उपलब्धियां यह संदेश देती हैं कि ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले युवा भी यदि लक्ष्य निर्धारित कर पूरी लगन के साथ आगे बढ़ें तो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें