बिलासपुर। कोठीपुरा एम्स का परिसर औषधीय पौधों से सुशोभित होगा। एम्स परिसर में भवन निर्माण के लिए प्रयोग न होने वाले क्षेत्रों में हर्बल पार्क निर्माण की योजना बनाई गई है। हर्बल पार्क में अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। साथ ही दुर्लभ पौधों को संरक्षित किया जाएगा।
अगले 10 दिनों में एम्स प्रबंधन पौधरोपण शुरू कर देगा। ये पौधे वन बीट मार्कंडेय की जब्बल नर्सरी से लाए जाएंगे। एम्स डायरेक्टर डॉ. वीर सिंह नेगी और चिकित्सा अधीक्षक दिनेश कुमार वर्मा ने वन बीट मार्कंडेय की जब्बल नर्सरी का दौरा किया। उन्होंने वन विभाग से अगले दस दिन में विभिन्न किस्म के औषधीय पौधों की मांग की है। हालांकि एम्स प्रबंधन ने फिलहाल पौधों की संख्या को लेकर वन विभाग को नहीं बताया है।
एम्स परिसर में दाडू़, कचनार, बहेड़ा, खैर, बांस, शीशम, अर्जुन और अनार के पौधे लगाए जाएंगे। बता दें कि सितंबर माह तक एम्स के उदघाटन का लक्ष्य रखा गया। इसको देखते हुए एम्स के सभी भवनों के निर्माण कार्य में तेजी लाई गई है। वहीं, अब एम्स परिसर को भी हरा-भरा बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
वन बीट मार्कंडेय के प्रभारी सचिन ठाकुर ने बताया कि एम्स के डायरेक्टर और चिकित्सा अधीक्षक ने वन विभाग की जब्बल नर्सरी का दौरा किया। उन्होंने एम्स परिसर में रोपण करने के लिए वन विभाग से विभिन्न औषधीय पौधों की मांग की है। नर्सरी में 71 हजार औषधीय पौधे तैयार हैं। इस दौरान रेंज अधिकारी कमल किशोर और ब्लॉक अधिकारी समीर भी मौजूद रहे।