झंडूता स्कूल के परिसर में उगाए गए आलू के साथ कृषि विषय के विद्यार्थी व अध्यापक। संवाद
-परिसर में 40 बैग ढिंगरी मशरूम, 10 बैग बटन मशरूम भी उगाया जा रहा
-जैविक तरीके से उगाई सब्जियों को मिड-डे-मील मे किया जा रहा इस्तेमाल
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला झंडूता में कृषि विषय के विद्यार्थियों ने स्कूल परिसर में 120 किलोग्राम आलू की पैदावार की है। आलू के अलावा विद्यार्थियों ने 40 बैग ढिंगरी मशरूम और 10 बैग बटन मशरूम के भी लगाए है। जैविक विधि से उगाई जा रही इन सब्जियों का इस्तेमाल मिड-डे-मील में किया जा रहा है।
विद्यार्थियों ने कृषि विषय की बारीकियां को समझते हुए नवंबर में आलू की बुवाई की। उसके बाद निरंतर सिंचाई, निराई, गुड़ाई और गोबर की खाद से इसको जैविक विधि से तैयार किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने खूब मेहनत की और अन्य अध्यापकों का भी सहयोग मिलता रहा। आलू की फसल को फरवरी में निकाला गया। सब की मेहनत रंग लाई और आलू की 120 किलोग्राम पैदावार हुई। कृषि विषय के अध्यापक साजन अत्री ने बताया कि बच्चों में किताबी ज्ञान के साथ-साथ प्रयोगात्मक ज्ञान होना भी आवश्यक है। उन्होंने बताया कि पिछले साल भी 170 किलोग्राम आलू स्कूल परिसर में उगाए गए थे। इस बार आलू के साथ-साथ मशरूम का भी उत्पादन बच्चों के द्वारा किया जा रहा है, जिसमें 40 बैग ढिंगरी मशरूम और 10 बैग बटन मशरूम के लगाए गए हैं। जो कि अभी फसल दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल परिसर में उगाई गई सब्जियों की खेती में रासायनिक खाद का इस्तेमाल नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि इस कार्य को करने के लिए प्रधानाचार्य पवन संख्यान ने बहुत सहयोग किया और उनके मार्गदर्शन में ही यह सब संभव हो पाया है।
कोट
स्कूल परिसर में 120 किलोग्राम आलू की पैदावार हुई है। इसके अलावा 40 बैग ढिंगरी मशरूम और 10 बैग बटन मशरूम भी उगाई जा रही हैं। इन सब्जियों का उपयोग मिड-डे-मील बनाने में किया जाता है।
पवन संख्यान, प्रधानाचार्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला झंडूता
झंडूता स्कूल के परिसर में उगाए गए आलू के साथ कृषि विषय के विद्यार्थी व अध्यापक। संवाद