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Bilaspur News: छह दिन पूर्व अपह्त मासूम को पुलिस ने किया बरामद

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खजुरिया/बिलासपुर (रामपुर)। छह दिन पूर्व घर के बाहर पांच वर्ष के मासूम को भीख मंगवाने के लिए किया गया था। पुलिस ने छह दिन बाद उसे एक बाग से बरामद कर लिया।वहीं अपहरणकर्ता पुलिस टीम को चकमा देकर फरार हो गया।पुलिस ने मासूम को परिजनों को सौंप दिया।
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खजुरिया थाना क्षेत्र के अहरो गांव निवासी आसिफ खां के पांच साल के बच्चे अतब का 26 नवंबर को घर के बाहर ही अपने भाइयों के साथ खेलते समय अक्सर गांव में आने वाले एक घुमंतू जाति के युवक ने चीज दिलाने के बहाने से अपहरण कर लिया था। काफी तलाश के बावजूद भी मासूम का पता नहीं चलने पर उसके पिता ने अगले दिन आरोपी के खिलाफ बच्चे का अपहरण करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तभी से थाना पुलिस की अलग-अलग टीमें मासूम की बरामदगी तथा आरोपी को गिरफ्तार करने में जुटी थी। पुलिस के अनुसार बृहस्पतिवार को सुबह आरोपी के खजुरियां कलां गांव से अहरो जाने वाले मार्ग पर स्थित पुराने आम के बाग के पास देखे जाने की सूचना पर पुलिस टीम ने मौके की घेराबंदी कर ली। पुलिस टीम को मौके की ओर आता देख अपहरणकर्ता मासूम बच्चे को आम के बाग में ही छोड़ कर पुलिस टीम को चकमा देकर मौके से फरार हो गया। पुलिस टीम ने अपहृत मासूम को सकुशल बरामद कर लिया और थाने ले आई तथा परिजनों को सूचना दी। मासूम के बरामद होने की सूचना पर उसके परिजनों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी और थोड़ी ही देर में परिजन थाने पहुंच गए। पुलिस ने बरामद मासूम को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि अपहृत मासूम को अपहरणकर्ता अजय उर्फ इमरान के चंगुल से बरामद कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। जल्दी ही अपहरणकर्ता को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।अपहरणर्ता के चंगुल से मुक्त होने के बाद परिजनों के पास पहुंचा मासूम अतब डरा सहमा नजर आया। इस दौरान उसने अपने परिजनों को बताया कि अपहरणकर्ता अजय उर्फ इमरान उससे भीख मंगवाता था तथा शाम को भीख में मिले सारे पैसे वह ले लेता था। पुलिस से बचने को वह उसे रोज अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर भीख मंगवाता था।
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शातिर है अपहरणकर्ता अजय उर्फ इमरान
बिलासपुर। पुलिस के अनुसार मासूम का अपहरणकर्ता अजय उर्फ इमरान बहुत शातिर है। थानाध्यक्ष अजय पाल सिंह ने बताया कि मासूम के अपहरण की रिपेार्ट दर्ज होने के साथ ही अधिकारियेां के आदेश पर गठित की गयी अलग-अलग टीमे मासूम की बरामदगी में जुट गई थी। इस दौरान वह पुलिस टीम को चकमा देते हुए रोजाना अपना स्थान बदल देता था। वहीं अपहरणकर्ता को कोई स्थायी ठिकाना न होने के कारण भी पुलिस टीम उस तक नहीं पहुंच पा रही थी। इसी दौरान जानकारी मिली की उसने शाहबाद के पते पर फर्जी आधार कार्ड भी बनाया है तथा फर्जी दस्तावेजों से ही एक मोटरसाइकिल भी फाइनेंस कराई है। पुलिस टीम की सख्ती के चलते ही वह मासूम को आम के बाग में लाया था।
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