बागछाल पुल निर्माण कार्य शुरू होने के बाद कार्य करती जेसीबी।
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11 वर्षों से बागछाल पुल बनने का इंतजार कर रही श्रीनयनादेवी और झंडूता विस क्षेत्र की जनता का आखिरकार खत्म हो गया है। सोमवार को लोक निर्माण विभाग ने विधिवत रूप से पुल निर्माण का कार्य दोबारा शुरू किया। पुल के बनने से दोनों विस क्षेत्र की करीब 50 हजार की आबादी लाभान्वित होगी।
पुल बनने से दोनों क्षेत्रों की बिलासपुर से दूरी करीब 70 किलोमीटर कम हो जाएगी। वर्तमान में झंडूता के लोगों को अभी बिलासपुर पहुंचने के लिए 100 किलोमीटर का सफर करना पड़ता है। बागछाल पुल का निर्माण कार्य गैमन इंडिया कंपनी करेगी।
पुल का शिलान्यास 2005 में तत्कालीन सीएम वीरभद्र सिंह ने किया था। इसके बाद पुल का निर्माण कार्य तो शुरू हुआ लेकिन इसी दौरान कंपनी ने पिल्लर खड़े करने के बाद पुल निर्माण के स्थान को डेंडर जोन बताकर काम बीच में ही छोड़ दिया था। इसके बाद हर सरकार के नेताओं से लोगों को सिर्फ आश्वासन ही मिले। मगर पुल का निर्माण नहीं हो पाया। इसी दौरान लोगों ने पुल के मामले को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की।
इसकी सुनवाई करने के बाद प्रदेश उच्च न्यायालय ने एक साल में पुल का निर्माण पूरा करने के आदेश दिए। इसके बाद भी प्रदेश सरकार और लोक निर्माण विभाग ने 6 महीने तक कुछ नहीं किया।
इस दौरान अमर उजाला ने 26 दिसंबर के अंक में 11 साल में बने सिर्फ दो पिल्लर मजाक बन गया बागछाल पुल के शीर्षक से इस मसले को प्रमुखता से उठाया था। इसके दो दिन बाद विभाग ने आनन-फानन में शिमला में उच्च अधिकारियों की बैठक बुलाई। वहीं मंत्रिमंडल ने भी पुल निर्माण को मंजूरी दे दी।
सोमवार को लोक निर्माण विभाग मंडल दो बिलासपुर के एक्सईएन आरके शर्मा की अध्यक्षता में पूजा अर्चना के बाद पुल का निर्माण कार्य शुरू किया गया। इस अवसर पर लोनिवि उपमंडल स्वारघाट के सहायक अभियंता अच्छर सिंह चौहान, मैसर्ज गैमन इंडिया लिमिटेड के प्रोजेक्ट मैनेजर ओएस देवगन, सलवाड़ पंचायत के पूर्व प्रधान कांशीराम और दोनों विधानसभा क्षेत्रों के लोग मौजूद रहे।