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Bilaspur News: 101 ग्राम चिट्टा बरामदगी मामले में आरोपी को मिली नियमित जमानत

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बरामद मात्रा कमर्शियल श्रेणी से कम, सचेत कब्जे का फैसला ट्रायल में होगा : कोर्ट
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। झंडूता थाना क्षेत्र में 101 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामदगी के मामले में बिलासपुर की विशेष अदालत-2 ने एक आरोपी की नियमित जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि बरामद नशीले पदार्थ की मात्रा व्यावसायिक (कमर्शियल) श्रेणी से कम है, इसलिए एनडीपीएस अधिनियम की धारा 37 के कठोर प्रावधान इस मामले में लागू नहीं होते। साथ ही यह भी कहा कि आरोपी का नशीले पदार्थ पर सचेत कब्जा था या नहीं और अन्य आरोपियों के साथ उसकी कथित साजिश थी या नहीं, इसका फैसला ट्रायल के दौरान साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा।
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अदालत के समक्ष प्रस्तुत रिकॉर्ड के अनुसार, 24-25 जून की रात विशेष कार्यबल (एसटीएफ) की टीम भगेड़ क्षेत्र में नाकाबंदी कर रही थी। इसी दौरान पंजाब नंबर की एक कार को जांच के लिए रोका गया। वाहन की तलाशी लेने पर एक कपड़े के बैग से 101 ग्राम संदिग्ध हेरोइन बरामद होने का दावा किया गया। इसके बाद पुलिस ने एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21 और 29 के तहत मामला दर्ज कर वाहन में सवार तीनों लोगों को गिरफ्तार कर लिया। जमानत याचिका में कहा गया कि आरोपी की व्यक्तिगत तलाशी से कोई नशीला पदार्थ बरामद नहीं हुआ। बरामदगी वाहन से हुई थी, जिसमें तीन लोग सवार थे। ऐसे में यह तय किया जाना बाकी है कि बरामद पदार्थ पर किसका सचेत कब्जा था। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि जांच पूरी हो चुकी है, बरामदगी और वाहन पहले ही पुलिस कब्जे में हैं तथा आरोपी से अब कोई और बरामदगी नहीं होनी है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि इस स्तर पर साक्ष्यों का विस्तृत परीक्षण करना उचित नहीं होगा। वाहन में तीन लोगों की मौजूदगी के कारण सचेत कब्जा, जानकारी और कथित साजिश जैसे पहलुओं का परीक्षण ट्रायल के दौरान ही किया जाएगा। अदालत ने यह भी माना कि जांच लगभग पूरी हो चुकी है और आगे की जांच आरोपी को हिरासत में रखे बिना भी जारी रह सकती है। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया कि अभियोजन पक्ष आरोपी के किसी पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड का उल्लेख नहीं कर सका। ऐसे में जांच पूरी होने, बरामदगी के मध्यवर्ती (इंटरमीडिएट) श्रेणी में होने तथा मुकदमे के लंबा चलने की संभावना को देखते हुए आरोपी को नियमित जमानत देना उचित है। अदालत ने आरोपी को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के एक जमानती पर नियमित जमानत देने के आदेश दिए हैं। साथ ही देश छोड़कर न जाने, किसी समान अपराध में शामिल न होने, गवाहों को प्रभावित न करने तथा अदालत की शर्तों का पालन करने के निर्देश भी दिए हैं।
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