- नगर परिषद के राजस्व को लग रहा चूना
- घुमारवीं शहर में लंबे समय नहीं हुई कोई कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। शहर में अवैध होर्डिंग की भरमार है। धर्मशाला-शिमला हाईवे किनारे लगे यह होर्डिंग वाहनों के सुरक्षित आवागमन को प्रभावित कर रहे हैं, जबकि प्रदेश उच्च न्यायालय इस संदर्भ में निर्देश जारी कर चुका है।
घुमारवीं शहर में अवद्धानीघाट से लेकर लोक निर्माण के परिधि गृह तक तक हाईवे किनारे अवैध होर्डिंग लगे हैं। यह होर्डिंग शिक्षण संस्थानों, बड़ी कंपनियों और स्थानीय दुकानदारों के हैं। हैरानी की बात यह है कि कई होर्डिंग्स तो सरकार संपत्ति जैसे बिजली और टेलीफोन के खंभों आदि पर लगाए गए हैं। शहर का कोई ही खंभा, जिस पर होर्डिंग न लगा हो। हालांकि नगर परिषद शहर में लगे अवैध होर्डिंग पर कार्रवाई करता है। इस बार लंबे समय से अवैध होर्डिंग्स को नहीं हटाया गया है। अब फिर से पूरा शहर अवैध होर्डिंग्स से भरा हुआ है। नियमानुसार स्थानीय निकायों की अनुमति के बिना किसी भी प्रकार के होर्डिंग्स नहीं लगाए जा सकते हैं। होर्डिंग से लगाने के लिए नगर परिषद से अनुमति लेना अनिवार्य है। इसकी एवज में नगर परिषद की ओर से शुल्क लेने का प्रावधान है, लेकिन अवैध रूप से लगाए जा रहे यह होर्डिंग एक तरफ तो शहर की सुंदरता को बिगाड़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ नगर परिषद के राजस्व को भी चूना लगा रहे हैं। साथ ही हाईवे किनारे होने के कारण हादसों का कारण भी बन सकते हैं। क्योंकि यह होर्डिंग्स वाहन चालक इन्हें देखकर अपनी एकाग्रता खो कसते हैं। अवैध होर्डिंग्स पर उच्च न्यायालय ने भी सवाल खड़े किए हैं। न्यायालय ने सभी निकायों को इस पर उचित कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
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बिना अनुमति शहर में होर्डिंग लगाने पर नगर परिषद समय-समय पर कार्रवाई करती है, लेकिन होर्डिंग हटाने के बावजूद कुछ लोग दोबारा अपनी मनमानी करके शहर के भीतर इन होर्डिंग को लगाते हैं। जल्द ही नगर परिषद अवैध होर्डिंग लगाने वालों पर कार्रवाई करेगा।
-श्याम शर्मा, उपाध्यक्ष, नगर परिषद घुमारवीं