फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आस्था और उल्लास का संगम : मार्कंडेय में आज सजेगा बैसाखी मेला

Sun, 12 Apr 2026 11:53 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
विज्ञापन
महर्षि मार्कंडेय मंदिर। संवाद
विज्ञापन
प्रशासन तैयार, विशेष बसें, सुरक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं की पुख्ता व्यवस्था
विज्ञापन

तीन दिवसीय मेले में सैकड़ों श्रद्धालु लेंगे भाग

संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। उत्तर भारत के प्रसिद्ध धार्मिक तीर्थ स्थल ऋषि मार्कंडेय में 13 से 15 अप्रैल तक भव्य बैसाखी मेले का आयोजन किया जाएगा। तीन दिन तक चलने वाले इस पारंपरिक मेले को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। इसी कड़ी में शनिवार को व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया।
तहसीलदार सदर बालकृष्ण शर्मा ने बताया कि सोमवार को मेले का विधिवत शुभारंभ होगा। इस अवसर पर एसडीएम सदर डॉ. राजदीप सिंह मुख्यातिथि के रूप में शिरकत करेंगे और ध्वजारोहण कर मेले का शुभारंभ करेंगे। प्रशासनिक स्तर पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष यातायात व्यवस्था की गई है। घागस और ब्रह्मपुखर से विशेष बसें चलाई जाएंगी, जो गसौड़ चौक तक पहुंचेंगी। मेले के दौरान मुख्य मार्ग को यातायात के लिए बंद रखा जाएगा, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। वहीं, डाइट के समीप वाहनों की पार्किंग की समुचित व्यवस्था की गई है।
विज्ञापन

स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए मेले के दौरान मेडिकल टीम तैनात रहेगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। इसके अलावा विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संगठनों द्वारा लंगर की व्यवस्था भी की गई है, जिससे दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को भोजन की सुविधा मिल सके। मंदिर परिसर में साफ-सफाई का कार्य पूरा कर लिया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त किया गया है और महिला व पुरुष पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में दर्शन कर सकें।
विज्ञापन

गौरतलब है कि ऋषि मार्कंडेय में बैसाखी स्नान का विशेष धार्मिक महत्व है। मान्यता है कि इस पावन अवसर पर यहां स्नान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी आस्था के चलते हर वर्ष हिमाचल प्रदेश सहित पड़ोसी राज्य पंजाब से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। मेले के अंतिम दिन 15 अप्रैल को पारंपरिक दंगल का आयोजन किया जाएगा, जो मेले का मुख्य आकर्षण रहेगा। इसमें क्षेत्र के नामी पहलवान हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मेले के दौरान जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और आयोजन को सफल बनाने में सहयोग दें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें