बिलासपुर। बस स्टैंड की सड़क पर रेहड़ी लगाकर फल-सब्जियों का कारोबार करने वालों को नगर परिषद द्वारा भेजे गए नोटिस के बाद बस स्टैंड में लगने वाले जाम से निजात मिलने की संभावना जताई जा रही है। लेकिन, रेहड़ी लगाकर अपनी रोजी चलाने वालों पर इसकी गाज गिरना स्वाभाविक है। रेहड़ी-खोखा यूनियन इस पर तल्ख है। यूनियन का कहना है कि उन्हें मार्केट कमेटी के भवन में जो बूथ दिए गए हैं, वहां पर सुविधा नहीं है। बूथों के आवंटन में अपपनों को रेवड़ी बांटने की नीति अपनाई गई है। कोर्ट गए सात लोगों को अभी तक बूथ नहीं मिले हैं।
यूनियन के पदाधिकारियों ने बिलासपुर में पत्रकार वार्ता आयोजित करते हुए नगर परिषद के इन आदेशों पर तल्खी जताई है। उपायुक्त से मुलाकात कर उन्होंने मांग की है कि पहले सब्जी विक्रेताओं को सुविधाएं मुहैया करवाई जाए। भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री शिवराम सांख्यान, रेहड़ी-खोखा यूनियन के प्रधान राम लाल, महासचिव दीपक पाटिल, भामसं के कार्यकारी प्रधान बाबू राम चौधरी, वीरेंद्र सिंह, चमन लाल, सजाद अख्तर, अनिल, अमरजीत और राजीव शर्मा भी पत्रकार वार्ता में उपस्थित थे। शिव राम सांख्यान ने कहा कि जहां सब्जी विक्रेताओं को बूथ दिए गए हैं। वहां तक जाने के लिए टैंपो जाने का रास्ता तक नहीं है। सब्जी विक्रेता अपनी सब्जियां लाएंगे तो गाड़ियां एनएच पर ही खड़ी करनी पड़ेगी। उन्हें खर्चा भी अधिक वहन करना पड़ेगा। इस भवन में जनसुविधाएं भी नहीं हैं। बूथ के लिए 25 लोगों ने कोर्ट की शरण ली थी। बूथ सबको मिलने चाहिए, लेकिन जो छूट चुके हैं उन्हें भी इसमें शामिल किया जाए। पहले नगर परिषद और प्रशासन से आश्वस्त करें कि उनके हटने के बाद वहां कोई और रेहड़ी नहीं लगेगी। उन्होंने बूथों के लिए बनाए गए रास्ते का लिंक नेशनल हाईवे से करने की मांग की है।