बिलासपुर। बिजली विभाग ने उत्तराखंड सीमा से सटे गांवों की बिजली उत्तराखंड से काटकर स्थानीय बिजलीघर के फीडर से जोड़ दी है। किसानों ने जर्जर तारों के कारण बिजली न मिलने का आरोप लगाते हुए बिजलीघर में धरना देकर नई लाइन डालकर बिजली की आपूर्ति देने की मंाग की।
सपा नेता तजिंद्र सिंह बिर्क के नेतृत्व में उत्तराखंड सीमा से सटे करतारपुर, खानपुर, सुआनगला, खानपुर, हजरतपुर, घुरयायी, चंादपुर आदि गांव के तमाम किसान सोमवार की दोपहर स्थानीय बिजलीघर पहुंचे । किसानों ने अधिशासी अभियंता कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर धरना देना शुरु कर दिया। किसानों का कहना था कि उनके गांवों को उत्तराखंड प्रदेश का गठन होने के बाद 18 साल तक रुद्रपुर के भदईपुरा फीडर से बिजली मिलती थी। जिसके कारण वह लोग बेहद संतुष्ट थे। उनका कहना था कि दस दिन पूर्व बिजली विभाग ने भदईपुरा से उत्तराखंड सीमा से सटे सभी गांवों की बिजली काट दी और क्षेत्र के स्थानीय बलबंत फार्म बिजलीघर से आपूर्ति जोड़ दी है।
किसानों का कहना था कि जर्जर तारों के कारण उन्हें बिजली की आपूर्ति न के समान मिल रही है। जिसके कारण वह लेाग बेहद परेशान हैं। बलबंत बिजलीघर की लाइनें बेहद जर्जर हें, जिसके कारण अक्सर फाल्ट होते रहते हैं। उन्होंने एक्सईन को ज्ञापन देकर नई लाइनों को चीेंचकर बिजली देने व जब तक लाइनें नहीं खिंचती हैं, तब तक आपूर्ति भदईपुरा से दिलाई जाए। एक्सईएन ने शीघ्र ही नई लाइन डलबाने का वादा किया। धरना प्रदर्शन करने वालों में सेपा नेता तजिंद्र सिंह विर्क, कुलविंद्र सिंह, जसवीर सिंह, शीला, जगजीत सिंह, भूपेंद्र सिंह, शब्बू पाशा, रामबाबू, रामप्रकाश, दलवीर सिंह, बलराम सिंह, हरबंश सिंह आदि मुख्य थे।