शाहतलाई (बिलासपुर)। बाबा बालक नाथ की तपोस्थली शाहतलाई में 13 मार्च से शुरू हो रहे चैत्र मेलों के दौरान अगर कोई श्रद्धालु लंगर लगाएगा तो नगर पंचायत को 5 हजार किराया अदा करना होगा। इसके अलावा 5 हजार धरोहर राशि के रूप में नगर पंचायत के पास जमा करवानी होगी। इसके अलावा श्रद्धालुओं को शाहतलाई से दियोटसिद्ध तक जाने के चार किमी के लिए 10 रुपये के स्थान पर अब 15 रुपये अदा करने होंगे।
मेलों के दौरान भारी वाहन सरहयाली पूल के पास तक ही आएंगे। वहां से बाजार तक आने के लिए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेला प्रशासन दो शटल बसें चलाएगा। उक्त फैसले उपायुक्त विवेक भाटिया का अध्यक्षता में आयोजित बैठक में लिए गए। बैठक में झंडूता के विधायक जीतराम कटवाल विशेष रूप से मौजूद रहे।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 13 मार्च से 13 अप्रैल तक चैत्र मेलों के दौरान रेहड़ी-फड़ी लगाने, छुटे पैसे बेचने, सार्वजनिक स्थानों पर लंगर लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। जबकि ढोल बजाने के लिए मेला अधिकारी की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाकर स्थान चिह्नित किए जाएंगे।
बैठक में निर्णय लिया गया कि मेलों के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा लगाए जाने वाले लंगर सड़क से 10 मीटर की दूरी पर होंगे। लंगर लगाने वाले श्रद्धालुओं को 5 हजार रुपये नगर पंचायत को किराए के रूप में अदा करने होंगे। 5 हजार धरोहर राशि के रूप में नगर पंचायत में जमा करवानी होगी। हिमाचल पथ परिवहन मेले के दौरान चार अतिरिक्त बसें श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शाहतलाई से दियोटसिद्ध, शाहतलाई से शिववाड़ी-कोसरियां व शाहतलाई से बड़सर के लिए चलाने का निर्णय हुआ। जबकि शाहतलाई से दियोटसिद्ध के लिए टैक्सी का किराया 10 रुपये से 15 रुपये प्रति सवारी निर्धारित किया है।
इस बार मेला सहायक अधिकारी का जिम्मा झंडूता के नायब तहसीलदार के पास रहेगा। इस अवसर पर झंडूता के एसडीएम नवीन शर्मा, बड़सर के एसडीएम विशाल शर्मा, तहसीलदार झंडूता हीरा चंद नलवा, आईपीएच विभाग एक्सईएन अभियंता अरविंद सूद, आरटीओ कुलदीप सैनी, पुलिस उप अधीक्षक घुमारवीं राजेश शर्मा मौजूद रहे।
उपायुक्त विवेक भाटिया ने कहा कि चैत्र मेलों में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने कि लिए विशेष प्रबंध किए जाएंगे। पेयजल, सफाई, बिजली और स्वास्थ्य सुविधाओं के बेहतर प्रबंध किए जाएंगे।