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रामापा बड़गांव गल्लू में समय से पहले कर दी छुट्टी

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- फोटो : concept photo
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बिलासपुर। शिक्षा उपनिदेशक प्रारंभिक ने विभिन्न स्कूलों में औचक निरीक्षण के दौरान कई स्कूलों मेें शिक्षा का स्तर सामान्य से नीचे पाया है। जबकि, एक स्कूल तो ऐसा भी था जो समय से पहले ही बंद हो गया था और अध्यापिकाएं स्कूल में नहीं थीं। इसको लेकर शिक्षा उपनिदेशक ने अध्यापिकाओं को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिए हैं। उपनिदेशक के औचक निरीक्षण से स्कूलों के प्रमुखों में हड़कंप मचा रहा।
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उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा बिलासपुर देविंद्र पाल ने प्रारंभिक शिक्षा खंड झंडूता के अंतर्गत आने वाली पांच पाठशालाओं का औचक निरीक्षण किया। इसके अलावा घुमारवी-2 प्रारंभिक शिक्षा खंड के अंतर्गत आने वाली दो पाठशालाओं का निरीक्षण किया। झंडूता में किए गए निरीक्षण के दौरान राप्रापा कोसरियां, रौड़ा, बड़गांव-1 व रामापा बड़गांव-गल्लू का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान बड़गांव-। में शिक्षा का स्तर अच्छा नहीं पाया गया और बच्चों की उत्तर पुस्तिकाएं भी अच्छी तरह से चेक नहीं की गई थीं। जबकि रामापा बड़गांव गल्लू 2:50 बजे ही बंद कर दिया गया था। स्कूल प्रभारी दो बजे बिना सूचना के नदारद पाई गई। इसके लिए संबंधित अध्यापिकाओं को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। अन्य पाठशालाओं कोसरियां, रौड़ा व बड़गांव-दो में शिक्षा गुणवत्ता, अनुशासन व सफाई व्यवस्था बेहतर पाई गई।
इसके अलावा घुमारवी-दो के अंतर्गत आने वाली राप्रापा ग्वालमुथानी व भटोली का भी औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान राप्रापा भटोली में चौथी व पांचवीं कक्षा की कापियां अच्छी तरह से व सही समयानुसार चेक नहीं की गई थीं। जबकि राप्रापा ग्वालमुथानी में शिक्षा गुणवत्ता बेहतर पाई गई।
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वहीं प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक देविंद्र पाल का कहना है कि शिक्षा के स्तर को सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं। स्कूल मुखियों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि स्कूलों में सही व्यवस्था व बेहतर शिक्षा मुहैया करवाने के हरसंभव प्रयास करें। स्कूलों के औचक निरीक्षण का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
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