बिलासपुर। दी बिलासपुर जिला ट्रक ऑपरेटर सहकारी परिवहन समिति बरमाणा के पदाधिकारियों का कहना है कि एसीसी कंपनी अपने वायदे को पूरा नहीं कर रही है। कंपनी ने पूर्व में फैक्ट्री बंद होने का डर दिखाकर ऑपरेटरों के साथ वायदे कर किराया तो कम करवा लिया। लेकिन, अपने किए हुए एक भी वायदे को आज दिन तक पूरा नहीं किया। इसी मांग को लेकर ऑपरेटरों ने वीरवार को उपायुक्त बिलासपुर को ज्ञापन सौंपकर इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल सभा के प्रधान रमेश ठाकुर की अध्यक्षता में उपायुक्त से मिला।
ज्ञापन में ढुलाई किराया, सभा और एसीसी फैक्ट्री के मध्य में हुए अनुबंध के आधार पर कार्य न करने बारे अवगत करवाया। वर्ष 2016 में एसीसी फैक्ट्री ने सभा को अवगत करवाया था कि सब्सिडी कम मिलने की वजह से फैक्ट्री बंद होने की कगार पर है और किराया कम कर दिया जाए। सभा को साधारण अधिवेशन में ऑपरेटर ने इस मुद्दे पर कार्य करने को अधिकृत किया था। मजबूरन सभा को 8 फीसदी के करीब किराया कम करने पड़ा था। इसके बदले एसीसी ने 13 हजार मीट्रिक टन सीमेंट व 2 हजार मीट्रिक टन क्लिंकर का उत्पादन प्रतिदिन सभा के ऑपरेटर के लिए करने की बात की थी। वहीं लंबी दूरी के स्टेशनों को माल ढुलाई की डिमांड में बढ़ोतरी करने की बात की थी। लेकिन, अभी तक पंजाब के कीरतपुर साहिब, आनंदपुर साहिब व खानपुर खुई व हिमाचल के उखली, बग्गी, धनोटू व धामी के लिए 90 फीसदी डिमांड दे रहे हैं। कंपनी 24 घंटे के अंदर बरमाणा से सीमेंट लेकर जाने वाली गाड़ियों को पंजाब व प्रदेश के स्टेशनों पर सीमेंट अनलोड करवाएगी, लेकिन कई स्थानों पर अभी भी 3 से 5 दिन तक सभा के ऑपरेटरों के ट्रक अनलोड नहीं हो रहे हैं। वर्ष 2014-15 से पुराने ही अनुबंध के आधार पर बिना कराया बढ़ाए कार्य करते आ रहे हैं। इससे सभा के सदस्यों को दोहरा नुकसान उठाना पड़ रहा है। सभा ने उपायुक्त से वित्त वर्ष 2018 से होने वाले अनुबंध के आधार पर अल्ट्राटेक व अंबुजा सीमेंट कंपनियों से माल ढुलाई किराया निर्धारित करने का आग्रह किया है।
इस मौके पर सभा के उपप्रधान चंदू राम ठाकुर, महासचिव कुलदीप गौतम, चेयरमैन पवन कौशल, मुख्य संरक्षक सुरेश चौधरी, कोषाध्यक्ष राजेश ठाकुर, वरिष्ठ उपप्रधान प्रदीप कुमार ठाकुर, पूर्व महासचिव रजनीश ठाकुर, मुख्य सलाहकार जय सिंह, सह सचिव विनय कुमार वर्मा, प्रवक्ता कमल किशोर, सलाहकार संतोष कुमार मौजूद रहे।