शाहतलाई (बिलासपुर)। शाहतलाई में शनिवार को सिद्ध श्री श्री 1008 महंत राजेंद्र गिरी ने अपने आवास पर उपनयन संस्कार का कार्यक्रम आयोजित किया। इस संस्कार यज्ञोपवीत में प्रदेश भर से आए करीब 50 बटुकों को पवित्र यज्ञोपवीत धारण करवाया गया।
महंत की ओर से सनातन संस्कृति को बढ़ावा दिया रहा है। उनका कहना है कि सनातन धर्म में 16 प्रकार के संस्कार बताए गए हैं, जिसमें करण भेद जिसमें कानों में छेद किया जाता है और बालियां डाली जाती हैं। उसके बाद मुंडन संस्कार। अब जनेऊ धारण संस्कार हुआ। उसके बाद बटुकों से भिक्षा मंगवाई गई। यह जन्म के बाद के मुख्य संस्कार हैं। इसमें अधिकतम संख्या में बालक आए हैं और साथ में उनके माता-पिता भी आए हैं और नाम दान मंत्र दिया गया। शाहतलाई बाबा बालक नाथ की तपोस्थली है। बाबा जी ने वहां पर तपस्या की है और बाबा जी बाल रूप देवता है। इन बटुकों से शाहतलाई बाजार में भिक्षा मंगवाई गई। उसके बाद शाहतलाई मंदिर के दर्शन करवाए। इसके बाद दियोट सिद्ध लोअर बाजार और अपर बाजार में भी भिक्षा मंगवाई और हवन यज्ञ नाम दान मंत्र दिया।