जिला बिलासपुर में कई केबल ऑपरेटरों ने मल्टी सिस्टम ऑपरेटर के तौर पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीनस्थ जिला पोस्टमास्टर कार्यालय में अपना पंजीकरण नहीं करवाया है। बिलासपुर, घुमारवीं और श्री नयना देवी नगर परिषदों और नगर पंचायत शाहतलाई के साथ-साथ जिला के संपूर्ण ग्रामीण क्षेत्रों में केबल नेटवर्क के माध्यम से उपभोक्ताओं तक डिजिटल सिग्नल पहुंचाने के लिए केबल ऑपरेटर कार्य कर रहे हैं।
केबल टेलीविजन नेटवर्क रेगुलेशन एक्ट के तहत पूरे भारत वर्ष को डिजिटाइजेशन करने के लिए चरण-4 की अंतिम तारीख 31 दिसंबर, 2016 रखी गई है। इसके तहत इस अवधि में जिला के ग्रामीण क्षेत्रों में भी डिजिटाइजेशन का कार्य पूर्ण करना आवश्यक है।
जिला स्तरीय केबल टेलीविजन निगरानी समिति के सदस्य सचिव मोहम्मद अमीन शेख चिश्ती ने बताया कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार के आदेशानुसार डिजिटल केबल नेटवर्क चलाने के लिए मल्टी सिस्टम ऑपरेटर के तौर पर पंजीकरण करवाना आवश्यक होगा।
बिना पंजीकरण केबल नेटवर्क चलाने के अतिरिक्त इस अधिनियम के अन्य प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले मल्टी सिस्टम ऑपरेटर और केबल ऑपरेटरों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है।
इसमें सजा के साथ जुर्माने का भी प्रावधान है। इसके अलावा केबल नेटवर्क उपभोक्ताओं की शिकायतों के निपटारे के लिए मल्टी सिस्टम ऑपरेटर को एक शिकायत कक्ष की स्थापना करने की भी आवश्यक है। इसमें उन्हें टॉल फ्री नंबर की व्यवस्था करवानी होगी। उन्होंने बताया कि 31 दिसंबर, 2016 रात्रि 12 बजे स्विच ओवर सिस्टम के तहत एनालॉग सिग्नल पूरी तरह से बंद हो जाएगा।
इसके बाद मल्टी सिस्टम ऑपरेटर और केबल ऑपरेटरों को डिजिटल सिग्नल ही मिलेगा। उन्होंने जिला के सभी केबल ऑपरेटरों से आग्रह किया कि समय रहते अपने-अपने उपभोक्ताओं को सेट-टॉप-बॉक्स उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें, ताकि उन्हें डिजिटल सिग्नल उपलब्ध हो सके।