-क्षेत्र में जलापूर्ति सहित विभागीय कार्य हो रहे प्रभावित
-उपमंडल के तहत स्वीकृत हैं कुल 414 पद
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। जल शक्ति विभाग झंडूता में कर्मचारियों की भारी कमी के चलते विभागीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं। झंडूता और कलोल सब डिवीजन में कुल 414 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 268 पद खाली पड़े हुए हैं। इस कारण से क्षेत्र में जलापूर्ति और अन्य सेवाओं को सुचारू रूप से संचालित करने में दिक्कत आ रही हैं।
झंडूता सब-डिवीजन में कुल 202 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से केवल 57 पदों पर कर्मचारी तैनात हैं। 145 पद खाली चल रहे हैं। इनमें सबसे बड़ी कमी हेल्परों के पदों की है। जहां 80 स्वीकृत पदों में से केवल 7 पर कर्मचारी कार्यरत हैं और 73 पद खाली पड़े हैं। कर्मचारियों की इस भारी कमी से जल वितरण व्यवस्था में परेशानी हो रही है। कलोल सब-डिवीजन में भी कर्मचारियों की भारी कमी देखने को मिल रही है। यहां कुल 199 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से केवल 80 पदों पर ही कर्मचारी तैनात हैं। 119 पद खाली हैं। हेल्परों के 65 पदों में से केवल 24 पदों पर ही कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि 41 पद खाली पड़े हुए हैं। जल शक्ति विभाग में कर्मचारियों की कमी के चलते आम जनता को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। समय पर पानी की आपूर्ति नहीं हो पाना और पाइपलाइन में खराबी के मामले लंबे समय तक दुरुस्त न हो पाना आदि शिकायतों का समाधान भी धीमा हो गया है, जिससे लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है। क्षेत्र के लोगों ने सरकार से मांग की है कि विभाग में कर्मचारियों की कमी को दूर किया जाए। लोगों का कहना है कि समय पर पानी न मिलने और विभागीय समस्याओं के कारण उनकी दिनचर्या प्रभावित हो रही है। यदि जल्द ही इन पदों को नहीं भरा गया तो समस्या और भी गंभीर हो सकती है। उधर, जल शक्ति विभाग झंडूता के सुपरिटेंडेंट ग्रेड-2 रविंद्र किशोर ने बताया कि झंडूता और कलोल सब डिवीजन में 414 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से केवल 146 पर कर्मचारी कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि इन पदों को भरने के लिए उच्च अधिकारियों को सूचित किया गया है।