मांगे नहीं मानी तो डाक सेवक करेंगे लोकसभा चुनावों का बहिष्कार
बिलासपुर में नगर परिषद सभागार में बैठक आयोजित कर लिया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
स्वारघाट (बिलासपुर) हमीरपुर डाक मंडल के अंतर्गत हमीरपुर और बिलासपुर उपमंडलों के समस्त ग्रामीण डाक सेवकों ने रविवार को बिलासपुर में नगर परिषद के सभागार में आपात बैठक आयोजित की। बैठक में जिला बिलासपुर के 150 ग्रामीण डाक सेवकों ने भाग लिया।
मंडल प्रधान सोहन सिंह ठाकुर और बूटा राम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जिला बिलासपुर के समस्त डाकघरों से आये करीब डेढ़ सौ ग्रामीण सेवकों ने भाग लिया। ग्रामीण डाक सेवकों के लिए सातवें वेतन आयोग की तर्ज पर गठित कमलेश चंद्र रिपोर्ट को डाक विभाग की ओर से तोड़-मरोड़ कर और आंशिक तौर पर लागू किया गया है जिस पर समस्त ग्रामीण डाक सेवकों ने अपना रोष प्रकट किया है।
ग्रामीण डाक सेवकों ने केंद्र सरकार और डाक विभाग को आगाह किया है कि ग्रामीण डाक सेवकों की सभी मांगों को जल्द पूरा किया जाए। अन्यथा केंद्र सरकार को इसके गंभीर परिणाम भुगतने को तैयार रहना होगा। डाक विभाग ने मात्र आंशिक मांगों को मानकर ग्रामीण डाक सेवकों के साथ धोखा किया है। इन मांगों को लागू करवाने के लिए देश भर के तीन लाख ग्रामीण डाक सेवकों ने 16 दिन का लंबा ऐतिहासिक संघर्ष भी किया था। बावजूद इसके देश भर के ग्रामीण डाक सेवकों के साथ केंद्र सरकार व डाक विभाग ने अन्यायपूर्ण व सौतेला व्यवहार जारी रखा है। इस पर सभी ग्रामीण डाक सेवकों में गहरा रोष पनप रहा है।
ग्रामीण डाक सेवकों ने एकमत होकर प्रस्ताव पारित किया है कि डाक विभाग व केंद्र सरकार ग्रामीण डाक सेवकों के प्रति शोषण की नीति त्याग कर उनका कल्याण करे और एक कर्मी से तीन-तीन कार्य करवाने की नीति को बंद करें, अन्यथा ग्रामीण डाक सेवक न्यायालय का दरवाजा खटखटाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। गौरतलब है कि डाक विभाग इन्हीं ग्रामीण डाक सेवकों से टारगेट पूरा करवाकर इनका मात्र शोषण कर रहा है।
ग्रामीण डाक सेवक संघ ने प्रस्ताव पारित किया है कि अगर जल्द ही उनकी मांगों को नहीं माना तो इसके केंद्र सरकार को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे व ग्रामीण डाक सेवक आगामी लोकसभा चुनावों का बहिष्कार करेंगे।
-------------------
...खेमराज शर्मा।