बरमाणा (बिलासपुर)।
सीएचसी पंजगाई में मरीजों को नि:शुल्क दवाइयां नहीं मिल रही हैं। हालत ऐसी है कि सीएचसी में मरीजों को ओआरएस का घोल तक नहीं मिल रहा है। ऐसे में हर साल स्वास्थ्य बजट पर खर्च होने वाले करोड़ों रुपये व्यर्थ हो रहे हैं। पंजगाई सीएचसी में आने वाले मरीजों को दवाइयां न मिलने से भटकना पड़ रहा है।
पंजगाई सीएचसी के तहत बैरी, बरमाणा, पंजगाई, धौण-कोठी, धार-टटोह, हरनोड़ा पंचायतों के लोग इलाज के लिए आते हैं। इन पंचायतों के रोजाना सैकड़ों ग्रामीण यहां पर पहुंचते हैैं। लेकिन यहां पहुंचने वाले मरीजों को सरकार की तरफ से स्वास्थ्य केंद्रों में मिलने वाली दवाएं तक नहीं मिल रही है। स्थिति इतनी भयावह है कि यहां पर दस्त और उल्टी के लिए ओआरएस का घोल तक नहीं मिल रहा है। इन्हें भी बाजार से महंगे दाम पर खरीदना पड़ रहा है।
अपनी मां का इलाज करवाने आए स्वतंत्र गौतम का कहना है कि वह दो दिन पहले पंजगाई सीएचसी में अपनी माता कांता को चेकअप के लिए लाए थे। चेकअप के बाद जब डॉक्टर की लिखी हुई दवाओं को मांगा तो, कंपाउंडर ने स्टॉक न होने की बात कही। कंपाउंडर का कहना था कि दवाइयां यहां पर नहीं हैं। इन्हें बाहर से ही लेना पड़ेगा। जब स्वतंत्र ने कंपाउंडर से कहा कि जो दवाइयों की लिस्ट बाहर लगी है, क्या वह दवाइयां भी अंदर हैं। तो कंपाउंडर का जवाब आया कि दवाइयां नहीं पहुंच रही हैं। इस बारे में सीएमओ बिलासपुर को भी अवगत करवाया जा चुका है। लेकिन अभी तक दवाइयों का स्टॉक नहीं पहुंचा है।
स्वतंत्र का कहना था कि उनकी मां का केवल बीपी लो हुआ था। ऐसे में बीपी की दवाइयां भी बाहर से लेनी पड़ रही है। हर साल स्वास्थ्य योजनाओं पर खर्च होने वाले करोड़ों रुपये बेकार व्यर्थ हो रहे हैं।
सीएमओ बिलासपुर वीके चौधरी का कहना है कि पंजगाई सीएचसी स्टाफ को जब भी मीटिंग में बुलाया जाता है तो वह नहीं पहुंचते। इससे उनकी रिक्वायर्मेंट के बारे में पता नहीं चल पाता। अगर दवाएं नहीं है तो पूछा जाएगा। पीड़ित शख्स अगर उन्हें लिखित में शिकायत दें तो इस पर कार्रवाई भी की जाएगी।