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Bilaspur News: 200 किसानों और युवाओं ने सीखी मशरूम उत्पादन की आधुनिक तकनीक

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झंडूता के पराहु में आयोजित मशरूम प्रशिक्षण शिविर में मौजूद ग्रामीण। स्रोत: जागरूक पाठक
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पराहु में मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण शिविर का आयोजन
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विशेषज्ञों ने वैज्ञानिक खेती, बीज चयन और विपणन की दी जानकारी

संवाद न्यूज एजेंसी
गेहड़वीं (बिलासपुर)। झंडूता उपमंडल की ग्राम पंचायत बलघाड के गांव पराहु में मंगलवार को एक दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। शिविर में क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों से पहुंचे करीब 200 किसानों, युवाओं और महिलाओं ने भाग लेकर मशरूम उत्पादन की आधुनिक तकनीकों और स्वरोजगार की संभावनाओं की जानकारी हासिल की।
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प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों को कम लागत में अधिक आय देने वाले मशरूम उत्पादन के प्रति जागरूक करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना था। इस दौरान विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को मशरूम की वैज्ञानिक खेती, गुणवत्तापूर्ण बीज चयन, कंपोस्ट तैयार करने की विधि, रखरखाव, रोग एवं कीट नियंत्रण के साथ-साथ विपणन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने बताया कि मशरूम उत्पादन किसानों के लिए अतिरिक्त आय का सशक्त माध्यम बन सकता है। कार्यक्रम में जिला परिषद सदस्य जरनैल सिंह ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने कहा कि मशरूम उत्पादन ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार का बेहतर विकल्प है। यदि किसान प्रशिक्षण में मिली तकनीकों को अपनाएं तो कम समय में अच्छी आमदनी अर्जित कर सकते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से इस प्रशिक्षण का लाभ उठाकर मशरूम उत्पादन को अपनाने का आह्वान किया। इस मौके पर निदेशक खुंब अनुसंधान निदेशालय सोलन डॉ. बृजलाल अत्री ने कहा कि मशरूम उत्पादन कम लागत में अधिक आय देने वाला व्यवसाय है। वैज्ञानिक तरीके अपनाकर किसान और युवा इसे स्वरोजगार का मजबूत माध्यम बना सकते हैं।
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