अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेले में पहली बार आयोजित सरस मेले में महाराष्ट्र के नासिक के मुनक्के का स्वाद बिलासपुर के लोगों को चखने को मिला है। मुनक्का एक स्वादिष्ट मेवा होने के साथ-साथ आयुर्वेदिक औषधि भी है। महाराष्ट्र से बिलासपुर सरस मेले में पहुंचे व्यापारी गोरख जी ने बताया कि मुनक्के की पैदावार महाराष्ट्र के नासिक में होती है। यह काम वह 15 साल से कर रहे हैं। वह अपने गांव में एकमात्र ऐसे आदमी हैं, जो यह काम करते हैं। करीब 12 एकड़ जमीन में सिर्फ मुन्नके की ही पैदावार करते हैं। केवल ऑर्गेनिक खेती से ही मुनक्का तैयार हो रहा है। इसमें किसी भी तरह का केमिकल व रसायन खादों का प्रयोग नहीं किया जाता। इसे तैयार करने की प्रक्रिया भी बिल्कुल ऑर्गेनिक है।
इनका कहना है कि मुनक्का की खेती केवल अफगानिस्तान में ही होती है। मुनक्का एक ऐसा मेवा है जो एक दाम में तीन काम करता है। मुनक्का शुगर, कोलेस्ट्रोल और बच्चों को जुकाम और बुखार से भी निजात दिलाता है। उन्होंने दावा किया है कि मुनक्का खाकर अगर शुगर और कोलेस्ट्रोल तीन दिन में कम नहीं होता है तो वह पैसे वापस करेगा। इसके अलावा मुनक्का से कैंसर की बीमारी से लड़ने में भी ताकत मिलती है।
इनसेट...
पेड़ में ही सुख कर तैयार होता है मुनक्का
व्यापारी गोरख जी ने बताया कि काला मुनक्का काले अंगूर से तैयार किया जाता है जिसे पेड़ पर ही सुखाना पड़ता है। पतंग उड़ाने वाले मांजे से अंगूर के गुच्छे को सुखा दिया जाता है, जिसके बाद 35 दिन तक इसे ऐसे ही रहने दिया जाता है। इसके बाद ही इसे पेड़ से निकाला जाता है।
इनसेट...
तीन दिन खाओ, काबू में होंगे शुगर, कोलेस्ट्रोल
महाराष्ट्र के व्यापारी गोरख जी ने बताया कि मुनक्का एक ऐसा मेवा है जो शुगर और बुरे कोलेस्ट्रोल को कम करता है। यहीं नहीं यह छोटे बच्चों को सर्दी और जुकाम से भी निजात दिलाता है। वह अपने गांव नासिक के मुनक्के की पूरे भारत में अपनी छाप छोड़ चुके हैं।
------------------------------
..