फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बलघाड़ में तेंदुए का आतंक से लोग दहशत में

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

झंडूता(बिलासपुर)।
उपमंडल झंडूता की बलघाड़ पंचायत में तेंदुए के आतंक से लोग सहमे हैं। तेंदुआ अब तो गांव में दिन को भी देखा जा रहा हैं। इस कारण लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। हालत ऐसी है कि लोगों को अब बच्चों को स्कूल भेजने से भी डर रहे हैं। लोगों ने वन विभाग से मांग की है कि तेंदुए को पकड़ा जाए ताकि लोगों चैन से रह सकें।

बलघाड़ पंचायत का अधिकांश भाग जंगल से होकर ही गुजरता है। ऐसे में स्कूल जाने वाले स्कूली बच्चों के अलावा लोगों को भी इस रास्ते से होकर गुजरना पड़ रहा हैं। बलघाड़ स्कूल में ठप्पर, मांडवा, मटेरी, पपलाह, बलजोल, कोलका, प्राहू, धराड़, अमरोआ गांवों से बच्चे पढ़ने जाते हैं। बच्चों का अधिकांश रास्ता जंगल से ही गुजरता है। इससे उन्हें तेंदुए का डर सताने लगा है। स्थानीय लोगों में राजेश महेंद्र, रमेश, नितीश, नीरज, जगदीश, भाग सिंह, मनीष, दिनेश, विजय, ज्ञान सिंह, पवन प्रकाश, राकेश, ओंकार, रवि का कहना है कि तेंदुआ पहले जंगल में ही अपना शिकार करता था लेकिन अब कुछ दिनों से गांव की ओर आ रहा हैं। जिससे लोगों में तेंदुए भय बना हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन


स्थानीय पंचायत प्रधान रचना ठाकुर ने बताया कि तेंदुआ पहले भी गांवों में आकर पालतू पशुओं को अपना शिकार बना चुका है। कुत्तों को अपना शिकार बना गया था। इस बार दोबारा तेंदुए के आने से दहशत है। वन परिक्षेत्र अधिकारी झंडूता ब्रह्मानंद ने बताया कि तेंदुए का पता लगाने के लिए वन रक्षक को गांव में भेजा जाएगा। तेंदुए को पकड़ने के लिए शीघ्र ही पिंजरा लगाया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि तेंदुए के साथ कोई भी छेड़छाड़ न करें क्योंकि कई बार तेंदुआ लोगों पर भी जानलेवा हमला कर सकता है। उन्होंने बताया कि तेंदुआ कई बार पानी की तलाश के लिए गांव की ओर चला आता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें