अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर।
जिला अस्पताल बिलासपुर में लोगों की सेहत से खिलवाड़ हो रहा है। विभाग की लापरवाही ऐसी कि प्रयोग में लाई जाने वाली ग्लूकोज की बोतल के साथ एक्सपायर हो चुकी ग्लूकोज को भी साथ रखा गया है।
ऐसे में स्टाफ की हल्की चूक से किसी भी भी जान जा सकती है। इतना कुछ होने के बाद भी विभाग के अधिकारी इस पूरे मामले को लेकर बेखबर है। लापरवाही का जिला अस्पताल में यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी जिला अस्पताल में एक्सपायरी डेट ग्लूकोज रखने का मामला सामने आ चुका है।
वीरवार को अमर उजाला की टीम ने जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। इसमें कई चौंकाने वाले पहलू सामने आए। अस्पताल में वार्डों की खिड़कियों के शीशे टूटे पाए गए। प्राइवेट वार्ड के साथ लगते एक कमरे में विभाग ने ग्लूकोज की बोतलों सहित अन्य सामान रखा था। विभाग ने सामान्य ग्लूकोज की बोतलों के साथ एक्सपायरी डेट की ग्लूकोज रखी है।
जांच में पाया गया कि ग्लूकोज नवंबर 2017 में एक्सपायर हो चुका है। अगर स्टॉफ ने गलती से इस ग्लूकोज को किसी को चढ़ा दिया तो उसका क्या होगा। मौके पर ऐसी ग्लूकोज भी रखी गई थी जिसकी एक्सपायरी डेट फरवरी 2018 में है। नियम अनुसार किसी भी एक्सपायरी दवा को स्टोर कर नहीं रखा जा सकता है। उसे नष्ट करना पड़ता है लेकिन यहां ऐसा नहीं हो पाया।
सीएमओ बिलासपुर डॉ. बीके चौधरी ने बताया मामला उनके ध्यान में नहीं है। अस्पताल की पूरी जिम्मेदारी एमएस की है। अगर इस प्रकार की कोई बात है तो इस संबंध में एमएस को जांच के आदेश दिए जाएंगे।