बरमाणा (बिलासपुर)। बिलासपुर अस्पताल में केवल एक ही ओटीए होने के कारण यहां पर ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। नतीजतन मरीजों और उनके तीमारदारों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। इसका मुख्य कारण यह है कि जिला में लगने वाले चिकित्सा शिविरों के लिए भी इसी ओटीए को यहां से भेजा जाता है, जिससे आपातकाल के समय अगर किसी मरीज का ऑपरेशन करना हो तो उसे मजबूरी में यहां से रेफर करना पड़ रहा है। ऐसे में जिला के दूरदराज से आने वाले गरीब लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ऐसा नहीं है कि घुमारवीं अस्पताल में भी कोई ओटीए नहीं है। यहां पर भी एक ओटीए तैनात है, लेकिन उसके बावजूद भी यहां से ओटीए को चिकित्सा शिविरों में नहीं भेजा जा रहा है केवल जिला अस्पताल में तैनात ओटीए को ही शिविरों में भेज कर यहां की व्यवस्था को बिगाड़ा जा रहा है। जिला अस्पताल में ऐसे कई ऑपरेशन हैं जो हफ्तों से लंबित पड़े हुए हैं। इनकी भी तिथियां आगे से आगे बढ़ती जा रही हैं।
इस सप्ताह तो जिला अस्पताल में एक भी ऑपरेशन नहीं हुआ है जिससे मरीजों को या तो यहां से रेफर किया गया है या फिर मरीजों को मजबूरी में निजी अस्पतालों को रुख करना पड़ा है।
इसके अलावा जिला अस्पताल में चार माह से सीटी स्कैन मशीन भी खराब पड़ी हुई है। ऐसे में यहां पर सड़क हादसों में घायल होकर या अन्य हादसों में घायल होकर आने वाले मरीजों को मजबूरी में डॉक्टरों को रेफर करना पड़ रहा है। नतीजतन मरीजों को बाहर महंगे दामों में सीटी स्कैन करवाने पड़ रहे हैं। जिला अस्पताल में सुविधाओं की कमी के कारण डॉक्टर भी यहां पर सही तरीके से कार्य नहीं कर पा रहे हैं।
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मशीन ठीक करने को इंजीनियर की जरूरत: आहलूवालिय
वहीं इस बारे में बिलासपुर अस्पताल में तैनात एमएस राजेश आहलूवालिया का कहना है कि सीटी खराब सीटी स्कैन मशीन के बारे में आला अधिकारियों को अवगत करवा दिया है। मशीन को ठीक करने के लिए इंजीनियरों की जरूरत है।
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अब समस्या ध्यान में आई, शीघ्र हल करेंगे : धीमान
अतिरिक्त सचिव स्वास्थ्य विभाग आरडी धीमान का कहना है कि इस बारे में जिला अस्पताल से इस तरह की समस्या की कोई भी जानकारी उन्हें नहीं थी लेकिन अब समस्या उनके ध्यान में आई है। इसे तुरंत प्रभाव से दुरुस्त करवा दिया जाएगा।
इनसेट...
विभाग लोगों के स्वास्थ्य के लिए संजिदा क्यों नहीं
वहीं जब शिमला बैठे आला अधिकारियों से बात की गई तो उनका कहना था कि इस बारे में उन्हें कुछ भी पता नहीं है। जबकि जिला अस्पताल में बैठे अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल में सीटी स्कैन सहित अन्य समस्याओं के बारे में आला अधिकारियों को अवगत करवाया है लेकिन अगर उन्हें अवगत करवाया है तो उन्हें कैसे समस्या का पता नहीं है। ऐसे में सवाल उठता है कि स्वास्थ्य विभाग क्या लोगों के स्वास्थ्य के लिए जरा भी संजिदा नहीं है।
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