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नियमों को ताक पर रखकर की जा रही डंपिंग, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

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- फोटो : amarujala
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भराड़ी/बिलासपुर। घुमारवीं शहर के कचरे को नगर परिषद घुमारवीं द्वारा लेहड़ी सरेल में नियमों को ताक में रखकर डंपिग की जा रही है। इससे परेशान ग्रामीणों ने मंगलवार को कूड़ा संयंत्र के पास जा रहे नगर परिषद के अधिकारियों व जेसीबी को रोक लिया। इस दौरान जब नप अधिकारियों ने कहा कि उन्हें ऑर्डर है तो ग्रामीण कॉपी दिखाने को लेकर अड़ गए। इसके बाद अधिकारियों व ग्रामीणों के बीच नोकझोंक भी हुई। मौके पर पुलिस को बुलाना पड़ा। शाम चार बजे के करीब आश्वासन के बाद ग्रामीण वहां से हटे और गाड़ी को जाने दिया। अब बुधवार को दोबारा टीम मौके पर पुलिस की निगरानी में जाएगी।
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गौरतलब है कि कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल व संदीप शर्मा की खंडपीठ ने घुमारवीं नगर परिषद द्वारा खुले में कूड़ा कचरा डालने को लेकर कड़ा संज्ञान लिया है। इस संबंध में हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार और नगर परिषद से दो सप्ताह में जवाब मांगा है। कोर्ट ने पूछा है कि शहर से निकलने वाले कूड़े कचरे को बिना चारदीवारी लगाए नाले में कैसे डाला जा रहा है। इसी को लेकर मंगलवार को नप अधिकारी व कर्मचारी जेसीबी लेकर कूड़ा संयंत्र की ओर गए। लेकिन यहां पर ग्रामीणों ने जेसीबी व अधिकारियों को रोक लिया। जब नप अधिकारियों ने कहा कि उनके पास इसके ऑडर्र हैं तो ग्रामीण उसे दिखाने को लेकर अड़ गए।

नप अधिकारी उसे दिखा नहीं पाए। इसके बाद भराड़ी पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा। माहौल तनावपूर्ण होता देख पुलिस को दखल देना पड़ा। बाद में ग्रामीणों और नप का समझौता हुआ कि जो सड़क जेसीबी द्वारा कचरे के ढेर को डिस्मेंटल करने के लिए बनाई जाएगी, उसे काम करने के बाद उसे दोबारा बंद कर दिया जाए। ताकि कोई कचरे वाली गाड़ी यहां कूड़ा न आ सके। उल्लेखनीय है कि यह सड़क कूड़ा संयंत्र तक जाती है और बारिश के चलते यह बंद हो चुकी है। इससे ग्रामीणों को डर था कि सड़क के बन जाने से दोबारा शहर का कचरा यहां फेंका जाएगा। क्योंकि उनके खेतों में प्लास्टिक, कांच के टुकड़े, फटे पुराने कपड़े, अस्पताल की टूटी सुइयां आदि पहुंच गई हैं। इस कारण अब खेतों में काम करना भी मुश्किल हो गया है।
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मौके पर मौजूद ग्रामीण नंदलाल शास्त्री वार्ड मेंबर, विश्व शंकर ग्राम सुधार समिति प्रधान, अनिल, सतीश, जगतराम, परमानंद ने बताया कि अगर भविष्य में कोई गाड़ी यहां कचरा फेंकते हुए पाई गई तो लोगों के गुस्से का सामना करना होगा। इसकेे लिए नप व प्रशासन जिम्मेवार होगा।

रोहिल खड्ड में शहर से निकलने वाला कूड़ा कचरा डाला जा रहा था। जहां कूड़े कचरे का एक पूरा पहाड़ बना हुआ था। बारिश के कारण पूरा कचरा लोगों के खेतों में पहुंच गया है। इससे फसलों के अलावा पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है।

घुमारवीं नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी संजय कुमार का कहना है कि कोर्ट के आदेश के बाद डंपिंग साइट पर कचरे को ठिकाने लगाने के लिए गए कर्मियों की ग्रामीणों से नोकझोंक हुई है। जिसके बाद पुलिस को मौके पर बुलाकर मामला शांत करवाया गया। बुधवार को दोबारा कर्मी मौके पर जाएंगे और कचरे को दबाकर ठिकाने लगाएंगे।
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