मानक पूरा करने वाले स्कूलों को मिलेगी स्थायी मान्यता
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सरकारी विद्यालयों में सुविधा शुरू होने से मिलेगी राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले के 11 सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों का सीबीएसई मान्यता के लिए अस्थायी रूप से चयनित किया गया है। इस फैसले से जिले के हजारों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक सुविधाएं घर-द्वार पर ही उपलब्ध होंगी। अस्थायी चयन के बाद जो स्कूल मानकों को पूरा करेगा उसी का स्थायी रूप से चयन होगा।
खास बात यह रहेगी कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवार जो अपने बच्चों को सीबीएसई बोर्ड में पढ़ाना चाहते हैं और पैसे की तंगी के कारण नहीं पढ़ा पा रहे हैं उनके लिए सरकार का यह निर्णय राहत देने वाला है। शिक्षा विभाग की योजना के तहत चयनित स्कूलों में कुछ को पीएम श्री स्कूल और कुछ को इंस्टीट्यूट ऑफ एक्सीलेंस का दर्जा दिया जाएगा, जबकि बाकी स्कूलों को बेहतर सुविधाओं के साथ अन्य स्कूल श्रेणी में शामिल किया गया है। इन स्कूलों को स्मार्ट क्लासरूम, अत्याधुनिक लैब, पुस्तकालय, खेल मैदान और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। जिले के चयनित 11 स्कूलों में पीएम श्री वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भराड़ी, बालिका वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय घुमारवीं, वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय झंडूता, पीएम श्री वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तलाई, वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जुखाला, वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कंदरौर, वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोठीपुरा, वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नम्होल, बालिका वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बिलासपुर, पीएम श्री वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बरमाणा, पीएम श्री वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (बॉयज) बिलासपुर शामिल हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार पीएम श्री स्कूल को शिक्षा के हर क्षेत्र में मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप इनमें डिजिटल सुविधाओं, स्किल-बेस्ड एजुकेशन और नवाचार आधारित शिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। वहीं, इंस्टीट्यूट ऑफ एक्सीलेंस जिले और क्षेत्र का शैक्षणिक केंद्र बनेगा। यहां से आसपास के अन्य स्कूलों को तकनीकी और शैक्षणिक सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के विद्यार्थी समान रूप से लाभान्वित होंगे। अब जिले के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और सीबीएसई बोर्ड की पढ़ाई का फायदा सरकारी शिक्षण संस्थानों में मिलेगा।