- विशेष न्यायाधीश बिलासपुर चिराग भानू सिंह की अदालत ने किया दोषी करार
-17 अगस्त 2019 को नाबालिग के पिता ने बिलासपुर पुलिस को दी थी शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। विशेष न्यायाधीश बिलासपुर चिराग भानू सिंह की अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए पवन कुमार पुत्र राम लाल निवासी गांव समलेटू, डाकघर मातला, तहसील झंडूता बिलासपुर को पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत दोषी करार देते हुए उसे 10 साल का कठोर कारावास और एक लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामले से जुड़े तथ्यों की जानकारी देते हुए जिला न्यायवादी चंद्रशेखर भाटिया ने बताया कि 17 अगस्त 2019 को नाबालिग पीड़िता के पिता ने बिलासपुर पुलिस के समक्ष शिकायत पत्र दिया था। इसमें शिकायत दी थी कि उनकी नाबालिग बेटी को दोषी पवन कुमार बहला-फुसला कर 14 अगस्त 2019 को शाम के समय अपने घर समलेटू गांव में ले गया। वहीं पर उसके साथ दो दिन तक दुष्कर्म किया। बिलासपुर पुलिस ने मामला दर्ज करके इसकी व्यापक तफ्तीश इंस्पेक्टर यशवंत परमार ने की। तफ्तीश पूरी होने पर 16 अक्तूबर 2019 को अदालत में समायत के लिए मामले को पेश किया गया। विशेष न्यायाधीश बिलासपुर ने 20 जनवरी 2020 को दोषी पर आरोप तय किए। अभियोजन पक्ष ने कुल 20 गवाह पेश किए। वहीं बचाव पक्ष ने कोई गवाह पेश नहीं किया। दोनों पक्षों के तर्क-वितर्क सुनने के बाद अब मंगलवार को विशेष न्यायाधीश ने पवन कुमार को उपरोक्त अपराध का दोषी माना और उसे उपरोक्त सजा सुनाई है।