एम्स बिलासपुर की ओपीडी 12 लाख और आईपीडी एक लाख पार
उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में एम्स बिलासपुर की ओपीडी 12 लाख और आईपीडी एक लाख पार कर चुकी है। यह आंकड़ा बताता है कि संस्थान किस गति से आगे बढ़ रहा है और लोगों का भरोसा किस तरह बढ़ा है। नड्डा ने कहा कि नए एम्स को स्थापित होकर मजबूत संस्थान बनने में सामान्य तौर पर करीब 10 वर्ष लगते हैं। इसके बावजूद एम्स बिलासपुर जिस गति से आगे बढ़ रहा है, उससे उन्हें विश्वास है कि अगले दो-तीन वर्षों में यह देश के किसी भी एम्स के साथ मुकाबला करने में सक्षम होगा। नड्डा ने कहा कि देश में पहला एम्स करीब 1960 में नई दिल्ली में बना था और लंबे समय तक देश में केवल एक एम्स था। अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री बनने के बाद छह और एम्स बने, जबकि नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में पिछले 12 वर्षों में 16 नए एम्स जुड़े। अब देश में कुल 23 एम्स हैं। वर्ष 2014 में देश में 384 मेडिकल कॉलेज थे, जो अब 858 हो गए हैं। मेडिकल स्नातक सीटें 51,348 से बढ़कर 1.42 लाख और स्नातकोत्तर सीटें 31 हजार से बढ़कर 86 हजार हो चुकी हैं। वर्ष 2029 तक स्नातक और स्नातकोत्तर की 75 हजार अतिरिक्त सीटें बढ़ाने के लक्ष्य पर काम चल रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से जहां भी जाएं, एम्स के नाम और प्रतिष्ठा को और ऊंचाई तक ले जाने का आह्वान किया।
राज्यपाल बोले, डिग्री समाज और राष्ट्र के प्रति दायित्व का प्रतीक
राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में गंभीर बीमारी का मतलब वर्षों तक चंडीगढ़ या दूसरे बड़े चिकित्सा केंद्रों तक लंबी यात्रा करना होता था। इलाज के लिए परिवारों को अपने खेत, व्यवसाय, घर और बच्चों को पीछे छोड़ना पड़ता था। एम्स बिलासपुर इस स्थिति को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि संस्थान केवल मरीजों के उपचार का केंद्र नहीं, बल्कि देश और समाज की सेवा के लिए प्रशिक्षित चिकित्सकों की नई पीढ़ी तैयार कर रहा है। चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और अनुसंधान तीनों क्षेत्रों में लगातार प्रगति हो रही है। कविंद्र गुप्ता ने विद्यार्थियों से कहा कि दीक्षांत में मिलने वाली उपाधि महज प्रमाणपत्र नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति दायित्व का प्रतीक है। चिकित्सक के लिए मरीज केवल एक मामला नहीं, बल्कि एक परिवार की आशा और विश्वास होता है। इसलिए ज्ञान और तकनीक के साथ संवेदनशीलता, नैतिकता और सेवा भाव को अपने कार्य के केंद्र में रखना होगा।